Trending News
prev next

गाजियाबाद यातायात पुलिस द्वारा ऑटो के रुट निर्धारित करने पर ऑटो चालकों का फूटा गुस्सा की हड़ताल

सत्यम् लाइव, 21 दिसम्बर 2021, गाज़िबाद।। गाजियाबाद जिला अधिकारी कंपाउंड पर ऑटो चालकों ने की गाजियाबाद यातायात पुलिस के खिलाफ की नारेबाजी।यातायात पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा द्वारा ऑटो चालकों का रूट तय करने पर चालको ने नाराजगी जताई। शहर में जगह-जगह ऑटो यूनियन द्वारा आटो को रोककर खाली कराकर हड़ताल में शामिल किया गया

ऑटो रिक्शा चालक संघ गाजियाबाद के अध्यक्ष दिलशाद अहमद ने बताया यातायात एसपी जबरदस्ती ऑटो का रूट नंबर तय करके रूट निर्धारित करना चाहते हैं। हम यह मनमानी नहीं सहन करेंगे।

ऑटो चालकों को इससे यह समस्या उत्पन्न होगी। ऑटो चालको का बेवजह का खर्चा बढ़ जाएगा और वह इसकी लागत नहीं निकाल पाएंगे। जब संघ के अध्यक्ष दिलशाद अहमद ने यातायात पुलिस अधीक्षक से पूछा रूट तय हो जाने के बाद कि इसमें काफी परेशानी होगी तो गाजियाबाद पुलिस अधीक्षक यातायात का कहना है कि यदि आप ट्रेन से सफर कर रहे हैं तो ट्रेन आपको आपके घर तक तो नहीं छोड़ेगी।

Advertisements

आगे बताते हुए उन्होंने कहा 1982 से जिस प्रकार ऑटो चल रहे हैं यात्रियों को उनके गंतव्य तक समय और असमय पहुंचाया जाता है। हिंदुस्तान की राजधानी दिल्ली में भी अभी तक इस तरह का कोई नियम लागू नहीं किया गया है। परिवहन विभाग ने हमें रूट नंबर दिए हुए हैं। जो कि 5 साल में रिन्यू होते आए हैं। रूट नंबर तय हो जाने के बाद इसने बहुत बड़ी परेशानी का सामना यात्रियों को करना पड़ सकता है। लिहाजा हम आटो चालकों की यह विनती है। कि रूट नंबर तय न किए जाएं। यूपी 37 नंबर के ऑटो ओर यूपी 15 नंबर के ऑटो यातायात पुलिस की मेहरबानी से पुराने बस अड्डे तथा मोदी नगर मुरादनगर ओर गाजियाबाद के सड़कों पर पुलिस की नाक के नीचे चलते आ रहे हैं। उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। बाहर जिले के ऑटो गाजियाबाद में चलाने से गाजियाबाद ऑटो की आय पर प्रतिदिन बहुत असर होता है ओर हमारी बहुत सावरिया बाहर जिले के ऑटो वाले ले जाते है. यातायात पुलिस हमारी इन समस्याओ का समाधान नहीं करती है.ऑटो यूनियन के अध्यक्ष ने ये संगीन आरोप गाजियाबाद यातायात पुलिस के ऊपर लगाया.

संवाददाता :राहुल वशिष्ठ

विज्ञापन

अन्य ख़बरे

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.