Trending News
prev next

जहांगीरपुरी में हिन्दु-मुस्लिम की ‘‘तिरंगा यात्रा’’ पर हुई फूलों की वर्षा

सत्यम् लाइव, 25 अप्रैल 2022, दिल्ली।। जहांगीरपुरी में हिसा होने के बाद से लगातार खबर आती रही है कि वहॉ के मूल निवासी हिन्दु-मुस्लिम के बीच कोई मतभेद नहीं है और न ही आज भी है वे लगातार ये कहते रहे है। ये तो राजनैतिक खेल खेला गया है। भारत के वरिष्ठ पत्रकारों में गिने जाने वाले अजीत जी जब जहॉगीरपुरी में जाकर इस हिन्सा के बारे में जानना चाहते थे तभी उसी क्षेत्र की रहने वाली दो बच्चियॉ उनके पास आती है और कहती हैं कि मुझे भी कुछ कहना है।

उसमें से हिन्दु सुजाता और दूसरी मुस्लिम साइमा थी जो कक्षा 11 में पढ़ती है। ये छोटी बच्चियों ने साफ शब्दों में बिना डर के बताया कि राजनीति हो रही है। हिन्दु मुस्लिम के बीच यहॉ कोई विवाद हुआ है। इन दोनों बच्चियों ने नेताओं पर वो भी कहा जो बड़ा व्यक्ति कोई छुपकर और डरकर कहता। कहती हैं कि नेता सिर्फ चुनाव के समय ही यहॉ पर आते है शेष समय नेता यहॉ देखते भी नहीं है। दोनों ने राजनीतिज्ञ पर जोर देते हुए उसे दोषी ठहराया।

और अब प्राप्त सूचनाओं के अनुसार नॉर्थ वेस्ट दिल्ली की डीसीपी उषा रंगनानी के अनुसार दोनों समुदायों की तरफ से तिरंगा यात्रा निकालने की मंजूरी ली गयी और फिर तिरंगा यात्रा को दोनों ही समुदायों ने एक साथ मिलकर निकाला। इस यात्रा को सफल बनाने के लिये दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ यात्रा में शमिल हुए।

फिर भी सोशल मीडिया पर अब भी कुछ विद्रोही गलत धारणा वयां कर रहे हैं परन्तु सत्य ये है कि उस क्षेत्र सहित शाहदरा अशोक नगर तक के कई हिन्दु-मुस्लिम भी यही बात कह रहे हैं कि अपनी रोटी कमाऐं या फिर दंगा करने जायें ये तो सब सोच-समझ कराया जाता है ओर कुछ लोग इसका फायदा उठाते है और बात धर्म की करते हैं ये सब वही होते हैं जिन्हें न तो मन्दिर में पूजा से मतलब होता है और न ही मस्जिद में नवाज अदा करने से।

दोनों ही समुदाय ने मिलकर तिरंगा यात्रा कुशल चौक से चलकर आजाद चौक पर समाप्त हुई। भारत माता की जयकारे के साथ लोगों ने तिरंगा यात्रा पर अपनी छतों से फूलों की वर्षा की। तिरंगा यात्रा कुशल चौक से प्रारम्भ होकर जामा मस्जिद से हिन्सा स्थल वाले से होते हुए आजाद चौक पर आकर समाप्त हुई। हिन्दु मुस्लिम एकता से ही 1911 का बंग-भंग आन्दोलन का रूप ले लिया था और अंग्रेजों को अपने सारे बंगाल का बॅटवारा वापस लेना पड़ा था। ईश्वर और अल्ला को एक साथ मानने का ये अवसर फिर से नया रूप दिखा सकता है। ऐसी ही उम्मीद आज फिर से जाग्रत हुई है।

सुनील शुक्ल


विज्ञापन

satyam live

अन्य ख़बरे

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.