सत्यम् लाइव, 3 जून 2021, दिल्ली।। इस कोरोना महामारी में भारत की आर्थिक स्थिति बहुत नाजुक मोड़ पर है। पिछले साल से और अब तक लोगो की आर्थिक स्थिति में सुधार न होकर ये अपने चरम पर पहुती नजर आ रही है। इस एक साल के अंदर भारत में कोरोड़ो लोग बेरोजगार हुए है। लोग अपने दैनिक जीवन के व्यय को चलाने में भी कई कठिनाईयों को सामना करना पड़ रहा है। खास कर जो दैनिक आय पर अपने परिवार के खर्चे को पूरा करते है, जिसमें रेहड़-पटरी लगाने वाले लोग मजदूरी करने वाले लोग है। इसमें मध्य वर्गी के लोग भी प्रभावित हुए । उनके कामो पर प्रभाव पड़ा है।
वे जिस जगह काम करते थे कम्पनी हो या फैक्टरी इनके बंद हो जाने से वे भी बेरोजगार है। लोग बड़ी संख्या में शहरों से गांवो की तरफ अपना रूख किया है। तो वही यूपी के किसान वर्ग या मध्यवर्गी लोगों के लिए भी अपने व्यय को संतुलन बनाए नखने में बड़ी समस्या हो रही है। इसी बीच उन विद्यार्थियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है जिन्होने यूपी के निजी शिक्षण संस्थानों के बीएड में दाखिला लिया है। उप मुख्यमंत्री डाॅ. दिनेश शर्मा ने बताया कि महामारी काल में अभिभावकों की आर्थिक हालत को देखते हुए प्रदेश सरकार ने निजी उच्च शिक्षण संस्थानों के बीएड द्विवर्षीय पाठयक्रम का वार्षिक शुल्क घटाया है।
शैक्षिक सत्र 2021-22 के लिए बीएड प्रथम वर्ष का शुल्क 45000 रूपये और द्वितीय वर्ष का शुल्क 25 हजार रूपये निर्धारित किया है। तो वहीं 4 वर्षीय बीएड पाठयक्र का शुल्क 3 हजार रूपये प्रतिवर्ष निर्धारित किया है।
मंसूर आलम





















