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लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जाए: भारतीय किसान संघ

सत्यम् लाइव, 11 जनवरी, 22, दिल्ली।। भारतीय किसान संघ के द्वारा आज 11 जनवरी 2022 को भारत माता के सच्चे सपूत जय जवान – जय किसान का उद्घोष देने वाले द्वितीय प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि के दिन उनको याद करते हुए देश भर में लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य की सुनिश्चित के संदर्भ में देशव्यापी आंदोलन किया गया। इसी कड़ी में भारतीय किसान संघ दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष श्रीमान हरपाल सिंह डागर जी के नेतृत्व में प्रदेश भर के तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौपे गए! भारतीय किसान संघ केंद्रीय योजना अनुसार दिल्ली प्रदेश सभी पांचों जिलों द्वारा आज तहसीलदारों के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय , प्रधानमंत्री महोदय व केंद्रीय कृषि मंत्री महोदय को ज्ञापन प्रेषित किए गए हैं ।

नजफगढ़ जिला की ओर से दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्रीमान हरपाल सिंह डागर, दिल्ली प्रदेश मंत्री बिजेंद्र कोटला, जिला नजफगढ़ प्रभारी सुंदर सिंह डागर, सूबेदार जयसिंह जी ढांसा, विजय नंबरदार, ईसापुर, ओमप्रकाश सहरावत के द्वारा तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा गया और उसकी प्रतिलिपि भी ली गई। कंझावला जिला की ओर से दिल्ली प्रदेश महामंत्री श्रीमान धर्मेंद्र सिंह लाकड़ा, दिल्ली प्रदेश महिला प्रमुख सुश्री प्रीति प्रिया जी, जिलाध्यक्ष श्रीमान संजीव लाकड़ा जी, श्रीमान सोहनलाल जी, श्रीमान कृष्ण जी लाडपुर, श्रीमान पदम राणा घेवरा और श्रीमान प्रदीप माथुर कराला द्वारा कंझावला में तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा गया और उसकी प्रतिलिपि भी ली गई।

शाहदरा जिला की ओर से दिल्ली प्रदेश प्रचार प्रमुख श्रीमान अरविंद भारद्वाज जी, श्रीमान विजय प्रताप यादव जी, श्रीमान उपेंद्र सिंह जी , श्रीमान जी, श्रीमान राकेश कुमार जी एवं श्रीमान बबलु राणा जी द्वारा शाहदरा में तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा गया और उसकी प्रतिलिपि भी ली गई। महरौली जिला की ओर से दिल्ली प्रदेश सदस्य एवं जिला प्रभारी श्रीमान प्रदीप चौहान जी, श्रीमान छोटूराम चौहान जी, श्रीमान बलबीर राजपूत जी, श्रीमान धरमबीर चौहान जी द्वारा तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा गया और उसकी प्रतिलिपि भी ली गई ।
उल्लेखनीय है कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिलने के कारण किसान गरीब और कर्जदार होता जा रहा है। यद्यपि सरकार अपने ढंग से कई प्रकार की मदद करती है परंतु इसका क्रियान्वयन सही ढंग से न होने के कारण किसानों की दशा और दिशा में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। किसान लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उसकी फसल का मूल्य लागत और उस पर लाभ जोड़कर भुगतान की व्यवस्था बने।

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इसके लिए कानूनी प्रावधान करते हुए क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रस्तुत की जाए! देश में जो 3 कानून बने वह अचानक से माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा वापस ले लिए गए, इस घोषणा से देश भर का लघु एवं सीमांत किसान स्तब्ध रह गया उसकी सभी आशाएं धराशाही हो गईं भारतीय किसान संघ चूंकि अहिंसक और राष्ट्रवादी संगठन है और संगठन ने हमेशा किसान हित में कार्य किया है। संगठन ने आंदोलन के तृतीय चरण में दिनांक 1 से 10 जनवरी तक देशभर के लगभग 100000 गांव में चले जन जागरण अभियान में छोटी-छोटी ग्राम सभाएं कीं और अंतिम दिन 11 जनवरी को पूरे देश के 513 जिला केंद्रों/ देश भर की समस्त तहसील कार्यालय में जाकर तहसीलदारों को ज्ञापन सौंपे।

नीरज दुबे – वरिष्ठ संवाददाता

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