Trending News
prev next

लोगड़ी, पोंगल, खिचड़ी, मकर संकान्ति की तिथि एक ही त्यौहार है क्षेत्र के अनुसार नाम अलग

सत्यम् लाइाव, 14 जनवरी, 2022 दिल्ली।। भारतीय शास्त्रा सूर्य सिद्धान्त नामक ग्रन्थ के अनुसार संस्कार अर्थात् गणना के अनुसार ये त्यौहार पौष मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है। पौष मास के प्रारम्भ से ही उत्तरायण में सूर्य देव प्रवेश कर चुके होते हैं परन्तु पौष मास की द्वादशी तिथि को सूर्य देव धनु संक्रान्ति से मकर राशि में प्रवेश करते हैं और धनु राशि का स्वामी मंगल ग्रह है जबकि मकर राशि का स्वामी शनि ग्रह है तथा कपिल मुनि के पीछे पीछे गंगा जी के अवतरण की कथा भी आज के तिथि की बताई जाती है। भारतीय शास्त्रों के अनुसार ‘‘भास्करास्य् यथा तेजो मकरस्थस्य वर्ध्ते। तथैव भवतंतेजोवर्धतामिति कामये।।’’ अर्थात् मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही सूर्य देव का तेज बढ़ने लगता है। इस बढ़ते हुआ तेज ही आपके स्वास्थ्य, समृद्धि की वृद्धि करता है। अर्थात् सूर्य संक्रान्ति से सूर्य देव का बढ़ता ताप समस्त प्रकार के कीटाणु ;वायरसद्ध को समाप्त करके आपके स्वास्थ्य और पफसल की रक्षा करता है।

आज इस तिथि का पुण्यकाल प्रातः 7.15 मिनट से सायं 5.44 मिनट तक होगा। आज के इस त्यौहार को मनाने का मुख्य कारण है कि आज की तिथि से फसल तैयार होना प्रारम्भ हो जाती है ऐसा कहा गया है इसी कारण से तैयार फसल की खुशी में ये त्यौहार कई देशों में मनाया जाता है और साथ ही दान की परम्परा भी है जिसका शुभ मुहूर्त प्रातः 9 बजे से 10.30 मिनट तक तथा दोपहर 1.32 मिनट से 3.28 मिनट तक बताया जा रहा है। लोहड़ी की संक्रान्ति से एक दिन पहले अंग्रेजी कलेण्डर के अनुसार मनाई जाने लगी है ये आश्चर्य की बात है क्योंकि मकर संक्रान्ति को ही पंजाबी भाषा में लोहड़ी कहा जाता है।

Advertisements

अनेक क्षेत्रों में मकर संक्रान्ति को अलग अलग नामों से जाना जाता है। जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गोआ, हरियाणा, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान में खिचड़ी के नाम से जाना जाता है। पंजाब, हरियाणा में लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है। तमिलनाडु में ताड़ पोंगल, उझवर तिरूनल जबकि गुजरात, उत्तराखण्ड में उत्तरायण, जम्मू में उत्तरैन, माघी संगरांद, कश्मीर घाटी में शिशर संक्राति, असम में भोगाली बिहु, पश्चिम बंगाल में पौष संक्रान्ति, कर्नाटक में मकर संक्रान्ति, कर्नाटक में मकर संक्रमण के नाम से जाता है। इतना ही नहीं आज भी बांगलादेश में पौष संक्रिन्त, नेपाल में माघे संक्रन्ति, थाईलैण्ड में सोंगकरन, लाओस पि मा लाओ, म्यांमार में थिंयान, कम्बोडिया में मोहा संगक्रान तथा श्री लंका में पोंगल, उझवर तिरूनल के कहा जाता है।

सुनील शुक्ल

विज्ञापन

अन्य ख़बरे

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.