निर्वाचन आयोग ने की चुनावों की घोषणा ।

सत्यम् लाइव, 16 मार्च 2024, नई दिल्ली! भारत के चुनाव आयोग ने 2024 के लोकसभा चुनाव और कुछ राज्यों के विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करने के लिए आज नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।

शुक्रवार को दो चुनाव आयुक्तों ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू के कार्यालय में शामिल होने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, “हमारी टीम अब पूरी हो गई है, हम भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े त्योहार के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।” पिछले 11 राज्यों के चुनावों में, हमने शांतिपूर्ण और हिंसा-मुक्त चुनाव देखे हैं, जिनमें पुनर्मतदान की न्यूनतम आवश्यकता थी और आगे बढ़ते हुए, हमारा लक्ष्य इस प्रवृत्ति को बढ़ाना है।”

कुल मतदाताओं में 49.7 करोड़ पुरुष, 47.1 करोड़ महिलाएं और 48,000 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। राजीव कुमार ने घोषणा की कि इसके अलावा, 1.8 करोड़ पहली बार मतदाताओं को सूची में जोड़ा गया है।”

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के अनुसार, 96.8 करोड़ मतदाता 12 लाख से अधिक मतदान केंद्रों पर आगामी चुनावों में वोट डालने के पात्र हैं। चुनाव सात चरणों में संपन्न होगा।

पहला चरण – 19 अप्रैल, 2024,

दूसरा चरण – 26 अप्रैल 2024,

तीसरा चरण – 7 मई 2024,

चौथा चरण – 13 मई 2024,

पांचवां चरण – 20 मई 2024,

छठा चरण – 25 मई 2024,

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सातवां चरण – 1 जून 2024 ।

4 जून 2024 को वोटों की गिनती की जाएगी।

पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा जिसमें 21 राज्यों की 102 सीटों पर वोटिंग होगी। दूसरे चरण में 26 अप्रैल को 13 राज्यों की 89 सीटों पर वोटिंग होगी। तीसरे चरण में 7 मई को 12 राज्यों की 94 सीटों पर वोटिंग होगी। चौथे चरण में 13 मई को 10 राज्यों की 96 सीटों पर वोटिंग होगी।पांचवें चरण में 20 मई को 8 राज्यों की 49 सीटों पर वोटिंग होगी। छठें चरण में 25 मई को 7 राज्यों की 57 सीटों पर वोटिंग होगी। सातवें चरण में 1 जून को 8 राज्यों की 57 सीटों पर वोटिंग होगी।

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में आने वाली अड़चनों के बारे में बात करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने ‘4एम’ – बाहुबल, पैसा, गलत सूचना और एमसीसी उल्लंघन के बारे में बात की।

उन्होंने कहा कि भारत का चुनाव आयोग प्रभावी उपायों के साथ इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।

राजीव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बुजुर्गों, विकलांगों के लिए घर पर मतदान का विकल्प है।

लोकसभा चुनावों में समावेशिता और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, चुनाव आयोग ने 85 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के साथ-साथ 40 प्रतिशत या उससे अधिक की बेंचमार्क विकलांगता वाले मतदाताओं के लिए घर पर मतदान की सुविधा शुरू की है। इसके अलावा, मतदान केंद्र पात्र मतदाताओं को मतदान की सुविधा प्रदान करने के लिए स्वयंसेवक, व्हीलचेयर और परिवहन सहायता प्रदान करेंगे।

आगे उन्होंने कहा कि हम हिंसा मुक्त चुनाव करवाना चाहते हैं, लिहाजा इलेक्शन के दौरान कोई भी खून-खराबा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को समाचार पत्रों और अन्य मीडिया आउटलेट्स में तीन बार जानकारी प्रकाशित करनी होगी। राजनीतिक दलों को बताना होगा कि उन्होंने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को टिकट क्यों दिया गया।

नीरज दुबे (वरिष्ठ पत्रकार)

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