गाजियाबाद। गाजियाबाद के मेरठ रोड स्थित ऋषभांचल पब्लिक स्कूल में भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समारोह के दौरान तिरंगा फहराकर देश की एकता, अखंडता और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन मां कौशल जी के मंगल आशीर्वाद के साथ किया गया। इस अवसर पर आर्किटेक्ट आर.सी. जैन, हेमचंद जैन और विद्यालय के ज. सेक्रेटरी दीपक जैन ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित सभी लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।


वंदे मातरम् और राष्ट्रगान से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने मार्च पास्ट करते हुए राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। मार्च पास का नेतृत्व चार्विक, रुद्र, स्नेहा और प्रांजय ने किया।
बच्चों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने ‘हम भारत के’ और ‘मेरा मुल्क मेरा देश’ जैसे देशभक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और उत्साह से भर दिया।


‘स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को हमेशा याद रखना चाहिए’ : दीपक जैन
विद्यालय के ज. सेक्रेटरी दीपक जैन ने उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व और सम्मान का दिन है।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी अनेक वीरों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेने और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का आह्वान किया।
‘शिक्षा के साथ नैतिकता और राष्ट्रप्रेम जरूरी’ : आर.सी. जैन
कार्यक्रम में आर्किटेक्ट आर.सी. जैन ने शिक्षा के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य व्यक्ति के चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण भी है।
उन्होंने शिक्षा के दो महत्वपूर्ण पक्षों—नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा—का उल्लेख करते हुए कहा कि नैतिक शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, जबकि आध्यात्मिक शिक्षा व्यक्ति को स्वयं को बेहतर बनाने की दिशा में प्रेरित करती है।


स्वतंत्रता सेनानियों को दी श्रद्धांजलि
विद्यालय की प्रधानाचार्य प्राची जैन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सम्मान में एक मिनट का मौन भी रखवाया।
उन्होंने विद्यार्थियों को देश के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से परिचित कराने और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े संदेश विद्यार्थियों तक पहुंचाए गए।


शिक्षिकाओं एवं विद्यालय स्टाफ की रही सहभागिता
स्वतंत्रता दिवस समारोह में विद्यालय की शिक्षिकाओं एवं स्टाफ की भी सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर दीपाली जैन, पूनम वर्मा, पूनम शर्मा, प्रतिमा त्यागी, आरती वशिष्ठ और पूजा जैन, ज्योति निगम सहित अनेक शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का मंच संचालन नीलम द्वारा किया गया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस का संदेश प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रप्रेम, देश की एकता और स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
रिपोर्ट: राहुल वशिष्ठ, गाजियाबाद
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