डॉ. धर्मेन्द्र शास्त्री (Dr. Dharmendra Shastri Chandigarh) का 32 वर्षों का शिक्षा एवं समाज सेवा का सफर
चंडीगढ़ के शिक्षा विभाग में पिछले 32 वर्षों से अपनी सेवाएँ दे रहे डॉ. धर्मेन्द्र शास्त्री आज पूरे शिक्षा जगत के लिए एक प्रेरणा हैं। संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने से लेकर विद्यालयों का कायाकल्प करने और समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान देने तक, उनका सफर अनुकरणीय है।
संस्कृत शिक्षा में अद्वितीय योगदान
डॉ. शास्त्री का सबसे प्रिय विषय हमेशा से संस्कृत रहा है। 25 वर्ष पहले उन्होंने संस्कृत विषय में पीएचडी (डॉक्टरेट) की उपाधि प्राप्त की थी। विशेष बात यह है कि उन्होंने पीएचडी रजिस्ट्रेशन के बाद मात्र 1 साल 3 महीने में यह उपलब्धि हासिल की, जो स्वयं में एक अद्भुत उदाहरण है।
उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने लगातार 15 वर्षों तक संस्कृत श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में विजय प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह उपलब्धि आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 20 वर्षों तक संस्कृत अध्यापक के रूप में उनकी सेवाएँ हजारों विद्यार्थियों के लिए जीवन बदलने वाली साबित हुईं।

विद्यालय का कायाकल्प और आधुनिकरण
वर्तमान में डॉ. धर्मेन्द्र शास्त्री राजकीय आदर्श उच्च विद्यालय करसान (रामदरबार), चंडीगढ़ में मुख्याध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कार्यभार संभालते ही विद्यालय को पूरी तरह आधुनिक स्वरूप दिया।
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सबसे पहले विद्यालय की बाउंड्रीवाल का निर्माण करवाया और उस पर कंटीली तार लगवाई ताकि असामाजिक तत्व स्कूल परिसर में प्रवेश न कर सकें।
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लगभग 50 लाख रुपये खर्च कर यह व्यवस्था की गई, जिससे विद्यालय में सुरक्षित और अनुशासित वातावरण बना।
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इसके बाद उन्होंने 65 वर्ष पुरानी जर्जर बिल्डिंग को तुड़वाकर 10.5 करोड़ रुपये की लागत से नया चार मंजिला भवन बनवाया।
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विद्यालय परिसर में 62 सोलर पैनल लगवाए गए, जो ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
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बच्चों के लिए 3 स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक कंप्यूटर लैब, साइंस लैब और सेमिनार हॉल का निर्माण करवाया।
इन प्रयासों से विद्यालय की छवि पूरी तरह बदल गई और जहाँ पहले अभिभावक अपने बच्चों को दाखिला दिलाने में हिचकते थे, वहीं आज यह स्कूल विद्यार्थियों की पहली पसंद बन गया है।
पौष्टिक भोजन के लिए क्लस्टर किचन
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (पूर्व में मिड-डे मील योजना) के तहत विद्यालय में क्लस्टर किचन संचालित है। इस रसोईघर में रोजाना लगभग 5500 बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन तैयार किया जाता है और पाँच विद्यालयों के बच्चों को वितरित किया जाता है।
राज्य स्तरीय सम्मान से अलंकृत
शिक्षा और समाज सेवा में अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए, 5 सितम्बर 2025 (शिक्षक दिवस) के अवसर पर चंडीगढ़ प्रशासन ने डॉ. धर्मेन्द्र शास्त्री को राज्य स्तरीय पुरस्कार (State Award) से सम्मानित किया। यह पुरस्कार उनकी लगन, मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण की पहचान है।
समाज सेवा और संगठनात्मक योगदान
डॉ. शास्त्री केवल शिक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज सेवा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे कई कर्मचारी संगठनों, सामाजिक एवं राष्ट्रवादी संस्थाओं से जुड़े हुए हैं और लगातार समाज को बेहतर दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
निष्कर्ष
डॉ. धर्मेन्द्र शास्त्री Dr. Dharmendra Shastri Chandigarh का जीवन इस बात का प्रमाण है कि यदि दृढ़ निश्चय, लगन और सेवा भाव हो तो शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र दोनों का कायाकल्प किया जा सकता है। संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देना, विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना—इन सब कार्यों ने उन्हें न केवल विद्यार्थियों बल्कि पूरे समाज का आदर्श बना दिया है।
रिपोर्टर : यश कुमार, चंडीगढ़





















