भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर लगातार जारी है। राजधानी भोपाल में पिछले 48 घंटों से रुक-रुककर कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश हो रही है। वहीं बुंदेलखंड के दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़ और खजुराहो में भी आसमान पर घने बादल छाए हुए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में फिलहाल लोगों को बारिश से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
🌧️ नदियां-नाले उफान पर, डैम से छोड़ा जा रहा पानी
लगातार हो रही बारिश के कारण नर्मदा समेत प्रदेश की कई प्रमुख नदियों और स्थानीय नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई स्थानों पर नदी-नाले उफान पर हैं।
भोपाल में जलस्तर बढ़ने के बाद भदभदा डैम के सुरक्षा गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। प्रशासन की ओर से जलभराव और बाढ़ की संभावित स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
संवेदनशील और तटीय क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमों को अलर्ट रखा गया है।
📊 12 जिलों में बारिश ने पूरा किया सीजन का कोटा
मौसम के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश के कई जिलों में इस मानसून सीजन में सामान्य से काफी अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।
भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और शहडोल में सामान्य बारिश के मुकाबले करीब 101% से 146% तक अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
इसके अलावा ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, अनूपपुर, उमरिया और बुरहानपुर में भी 90% से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
यानी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का सीजनल कोटा पूरा होने के बावजूद मानसून की सक्रियता बनी हुई है।
⚠️ आज कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
6 सितंबर 2026, रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम के दौरान कुछ इलाकों में:
- 🌩️ आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की आशंका
- ⛈️ गरज-चमक के साथ तेज बारिश
- 💨 करीब 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं
- 🌊 नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना
रह सकती है।
🚨 प्रशासन की अपील—बहते पानी से रहें दूर
लगातार बारिश के बीच प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को उफनते नदी-नालों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले रास्तों को पार नहीं करने की सलाह दी गई है।
बारिश के दौरान आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से भी बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें और जरूरत न होने पर जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
डिस्क्लेमर: मौसम की स्थिति स्थानीय स्तर पर तेजी से बदल सकती है। किसी भी यात्रा या अन्य जरूरी गतिविधि से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनी अवश्य देखें।


























