राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने आगरा-ग्वालियर रोड की हरित पट्टी पर कथित अतिक्रमण और उसके बहाली से जुड़ी याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई जगन प्रसाद तेहरिया की ओर से दायर अंतरिम आवेदन पर की गई है।
NGT ने दिए जवाब दाखिल करने के निर्देश
एनजीटी ने आवेदक को दो सप्ताह के भीतर सभी प्रतिवादियों को आवेदन की प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, प्रतिवादियों को आवेदन पर चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
हरित पट्टी पर व्यावसायिक गतिविधियों का आरोप
आवेदक जगन प्रसाद तेहरिया ने आरोप लगाया है कि 509 आर्मी बेस वर्कशॉप से सैंया तक निर्धारित हरित क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
याचिका में दावा किया गया है कि हरित पट्टी के हिस्सों में पुलिस चौकी, जब्त वाहनों के लिए पार्किंग स्थल, अस्थायी दुकानें और कार्यशालाएं संचालित हो रही हैं। आवेदक का आरोप है कि इन गतिविधियों और कथित अतिक्रमण के कारण क्षेत्र के पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंच रहा है।
अब मामले में प्रतिवादियों के जवाब के बाद एनजीटी आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा।





















