भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी कर चुके आगरा के जगबीर सिंह अब खेलों को डोपिंग से मुक्त रखने की मुहिम में अहम जिम्मेदारी निभाएंगे। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने उन्हें अपने अपीलीय पैनल का सदस्य नियुक्त किया है। छह सदस्यीय पैनल की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मुकुंदकम शर्मा करेंगे।
दो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व
आगरा के विभव नगर निवासी जगबीर सिंह ने 1988 सियोल और 1992 बार्सिलोना ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व किया था। वह भारतीय टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। खेलों में उनके योगदान के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
जगबीर सिंह इससे पहले भी NADA की डिसिप्लिनरी कमेटी के सदस्य के तौर पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। अब अपीलीय पैनल में उनकी नियुक्ति के साथ उन्हें डोपिंग से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।
खिलाड़ियों को जागरूक करने पर जोर
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद जगबीर सिंह ने कहा कि दुनियाभर में डोपिंग के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को इसके नुकसान और नियमों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारत में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के संभावित ओलंपिक आयोजन को देखते हुए खिलाड़ियों के बीच डोपिंग के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। खिलाड़ियों को सफलता के लिए शॉर्टकट अपनाने के बजाय कड़ी मेहनत और सही रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।





















