मुंबई में गणेश उत्सव के छठे दिन शनिवार रात 9 बजे तक कुल 21,104 गणेश और हरतालिका (पार्वती) की मूर्तियों का विसर्जन किया गया। नागरिक अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान शहर में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
विसर्जित मूर्तियों में 18,308 घरेलू गणेश प्रतिमाएं, 2,734 देवी गौरी की मूर्तियां और 62 सार्वजनिक गणेश मंडलों की प्रतिमाएं शामिल थीं।
गणेश उत्सव इस साल 14 सितंबर से शुरू हुआ है और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के साथ इसका समापन होगा। परंपरा के अनुसार, श्रद्धालु अलग-अलग दिनों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करते हैं, जबकि बड़ी संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन किया जाता है।
पांचवें दिन 37,843 मूर्तियों का विसर्जन
पांचवें दिन शुक्रवार से शनिवार सुबह 6 बजे तक मुंबई में कुल 37,843 मूर्तियों का विसर्जन किया गया था। इनमें 35,843 घरेलू गणपति और 1,030 सामुदायिक गणपति की प्रतिमाएं शामिल थीं। इसके अलावा 129 हरतालिका मूर्तियों का भी विसर्जन किया गया।
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर में विभिन्न विसर्जन स्थलों के साथ कृत्रिम तालाबों की भी व्यवस्था की है।
महाराष्ट्र में सूखा घोषित करने की कांग्रेस की मांग
इस बीच महाराष्ट्र में किसानों की स्थिति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शनिवार को राज्य सरकार से प्रदेश के प्रभावित हिस्सों में तत्काल सूखा घोषित करने की मांग की।
सपकाल ने किसानों को 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर आर्थिक सहायता देने और कृषि ऋण माफ करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि राज्य के कई हिस्सों में करीब डेढ़ महीने से बारिश नहीं हुई है, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है।
हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने महायुति सरकार पर कृषि संकट को लेकर पर्याप्त कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, सरकार कैबिनेट बैठकों में चर्चा तो कर रही है, लेकिन किसानों के लिए ठोस फैसले नहीं लिए जा रहे हैं।
सपकाल ने कुंभ मेले के लिए कथित तौर पर 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख करते हुए सरकार पर किसानों को आर्थिक सहायता देने में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने दशहरे से पहले क्लाउड सीडिंग कराने और प्रभावित किसानों को पर्याप्त वित्तीय सहायता देने की मांग भी की।
उन्होंने 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमों की भी आलोचना की। इसके अलावा सपकाल ने चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। ये सभी राजनीतिक आरोप कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए हैं।





















