नई दिल्ली: आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (RECPDCL) ने महाराष्ट्र की राज्यांतर्गत बिजली ट्रांसमिशन परियोजना से जुड़ी कंपनी मुसलगांव पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड का हस्तांतरण सफल बोलीदाता महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (MSETCL) को कर दिया है। यह हस्तांतरण 9 सितंबर को पूरा हुआ।
करीब 560 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना को 12 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना का विकास बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (BOOT) मॉडल के तहत किया जाएगा।
मुसलगांव में बनेगा नया पावर सबस्टेशन
परियोजना के तहत मुसलगांव में 220/132/33 केवी क्षमता का नया विद्युत उपकेंद्र बनाया जाएगा। इसके अलावा बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई नई ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण किया जाएगा।
मुसलगांव से बाबलेश्वर और रेमंड तक करीब 111 किलोमीटर लंबी 220 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी। वहीं मुसलगांव से सिन्नर तक लगभग 13 किलोमीटर लंबी 132 केवी डबल सर्किट लाइन का निर्माण किया जाएगा।
इस परियोजना के लिए RECPDCL ने शुल्क-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया आयोजित की थी। सफल बोलीदाता को परियोजना कंपनी का हस्तांतरण पूरा होने के बाद अब इसके निर्धारित समयसीमा में विकास का रास्ता साफ हो गया है।
महाराष्ट्र के बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना का उद्देश्य महाराष्ट्र के राज्यांतर्गत बिजली ट्रांसमिशन ढांचे को मजबूत करना है। नए सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों में बिजली ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
परियोजना को 12 महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
REC ने जारी किया देश का पहला Tokenized Corporate Bond
पावर ट्रांसमिशन परियोजना के साथ-साथ REC लिमिटेड ने कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में भी महत्वपूर्ण पहल की है। कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के रेगुलेटरी सैंडबॉक्स के तहत भारत का पहला टोकनाइज्ड कॉरपोरेट बॉन्ड सफलतापूर्वक जारी किया है।
इस पायलट योजना के माध्यम से REC ने 500 करोड़ रुपये जुटाए। खास बात यह रही कि बॉन्ड के लिए निवेशकों की ओर से कुल 796 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं।
7.30 प्रतिशत की ब्याज दर
REC ने इस बॉन्ड की परिपक्वता अवधि 1 वर्ष 9 महीने निर्धारित की है। बॉन्ड पर निवेशकों को 7.30 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर दी जाएगी।
इस पहल को भारतीय कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में तकनीक के नए प्रयोग के तौर पर देखा जा रहा है।
NSE के इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर पूरी हुई प्रक्रिया
टोकनाइज्ड बॉन्ड से जुड़ी पूरी प्रक्रिया NSE के इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर पूरी की गई। REC के अनुसार, टोकनाइजेशन तकनीक के इस्तेमाल से बॉन्ड के आवंटन, भुगतान और शेयर बाजार में सूचीबद्धीकरण की प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी हो गई।
इन बॉन्ड्स को NSE और BSE दोनों पर सूचीबद्ध कराया गया है।
बॉन्ड बाजार में तकनीक का नया प्रयोग
टोकनाइज्ड कॉरपोरेट बॉन्ड को भारत के बॉन्ड बाजार में तकनीकी नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य पारंपरिक प्रक्रियाओं को अधिक डिजिटल और कुशल बनाने की संभावनाओं को परखना है।
REC की इस पहल को SEBI के रेगुलेटरी सैंडबॉक्स के तहत किए गए एक महत्वपूर्ण पायलट के रूप में देखा जा रहा है





















