रमेश चंद्रा, नैनीताल: धरती पर मौसम की रुस्तगी जारी है तो अंतरिक्ष मौसम का मिजाज इस वर्ष हैरान करने वाला रहा। सौर तूफानों ने जमकर तांडव दिखाया और सूर्य की सतह पर भयानक लपटों का उठना जारी है।
अंतरिक्ष मौसम को कमतर नहीं आंका जा सकता है। पृथ्वी का अपना मौसम समुद्री जलधाराओं से प्रभावित होता है तो अंतरिक्ष मौसम सूर्य की ज्वालाओं से प्रभावित होता है। जिसमे सर्वाधिक खतरनाक सौर तूफानों को माना जाता है। ये इतने शक्तिशाली होते हैं कि हमारे सैटेलाइट के संचालन को ठप कर सकते हैं तो पृथ्वी पर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल ग्रीड को ध्वस्त करने की ताकत रखते हैं। इसके अलावा हवाई उड़ानों में बाधा पहुंचा सकते हैं। सौर विस्फोट से निकलने वाले उच्च ऊर्जावान कणों के साथ विकिरण भी हमारे उच्च आसमानी क्षेत्र में फैल जाता है, जो 12 हजार मीटर की ऊंचाई में यात्रा करने वाली गर्भवती महिला के भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकती है। इस वर्ष नवंबर माह विकिरण को लेकर सर्वाधिक असरकारक रहा। सौर वैज्ञानिकों का कहना है कि सूर्य में उत्पन्न 11 नवंबर की ज्वाला सर्वाधिक खतरनाक थी।
इस ज्वाला से उठे सौर तूफान से विमान बोइंग 320 को अमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। साथ ही यह तूफान भारी मात्रा में आसमान में करीब 12 हजार मीटर की ऊंचाई में विकिरण फैला गया, जो सामान्य स्तर से दस गुना अधिक था। इस विकिरण प्रभाव 15 घंटे तक बना रहा, जबकि सामान्यतौर पर छः घंटे से अधिक विकिरण का प्रभाव नहीं रहता है। यह 25वा सौर चक्र है, जो पिछले कई सौर चक्रों की तुलना सर्वाधिक सक्रिय रहा। सौर तूफानों के उठने से कई देशों में रेडियो ब्लैक आउट करना पड़ा और हवाई उड़ानों के सिग्नल्स को भी प्रभावित किया। बहरहाल सूर्य अभी भी सक्रियता के दौर से गुजर रहा है। लिहाजा आने वाले दिनों में भी सूर्य की सतह पर विस्फोट जारी रहेंगे, उनसे उच्च स्तरीय सौर तूफान उठेंगे और नुकसान की आशंका बनी रहेगी।

जल्द सुधरेगा अंतरिक्ष का मौसम
नैनीताल: आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के पूर्व निदेशक डा वहाब उद्दीन के अनुसार यह वर्ष अब तक की सबसे तीव्र सौर ज्वाला उत्पन्न करने के अलावा, एक्स-श्रेणी की सर्वाधिक ज्वालाओ का वर्ष रहा, जो पृथ्वी की ओर उच्च गति वाले प्रोटॉन और अन्य ऊर्जावान कणों की एक धारा भी फैला गया। पूर्व में इस तरह की सौर गतिविधि बहुत कम ही देखी गई। आने वाले दिनों में भी सौर सक्रियता जारी रहने वाली है। लिहाजा अंतरिक्ष मौसम का खतरा बने रहने की संभावना है।





















