प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के लिए ताशकंद रवाना हो गए हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करना है। उज्बेकिस्तान के बाद प्रधानमंत्री 31 अगस्त को किर्गिस्तान के दौरे पर रहेंगे।
इन प्रमुख मुद्दों पर होगी द्विपक्षीय बातचीत
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और जन-जन के संबंधों की समीक्षा की जाएगी। इस दौरान ‘विकसित भारत 2047’ और ‘उज्बेकिस्तान-2030’ के साझा विकास लक्ष्यों पर चर्चा होगी। यात्रा के दौरान पीएम मोदी ताशकंद स्थित शास्त्री मेमोरियल और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में महात्मा गांधी सेंटर भी जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का चौथा उज्बेकिस्तान दौरा
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी का यह चौथा उज्बेकिस्तान दौरा है। इससे पहले उन्होंने 2015 में द्विपक्षीय यात्रा की थी, जबकि 2016 और 2022 में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने वे उज्बेकिस्तान पहुंचे थे। यह दौरा दोनों देशों के गहरे सांस्कृतिक संबंधों को नया आयाम देगा।
व्यापार और निवेश में दर्ज की गई रिकॉर्ड बढ़ोतरी
उज्बेकिस्तान में भारत की राजदूत स्मिता पंत के अनुसार, 2015 के बाद से दोनों देशों के बीच व्यापार में 300% और भारतीय निवेश में 700% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान संस्कृति, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, कृषि, फिनटेक और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति से जुड़े कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। व्यापारिक गति बढ़ाने के लिए कनेक्टिविटी से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने पर भी विशेष जोर रहेगा।


























