ज्योतिषीय गणना के अनुसार 18 सितंबर 2026 को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं और मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम तथा क्रियाशीलता का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में मंगल का कर्क राशि में गोचर ज्योतिष की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कर्क राशि में पहले से ही गुरु ग्रह की स्थिति बताई जा रही है। मंगल के प्रवेश के बाद दोनों ग्रहों की युति बनेगी। ज्योतिष में मंगल और गुरु की युति को कई परिस्थितियों में शुभ प्रभाव देने वाली माना जाता है। हालांकि, कर्क राशि मंगल की नीच राशि मानी जाती है, इसलिए इस गोचर के दौरान मंगल के प्रभाव में कमी आने की भी संभावना बताई जाती है।
12 राशियों पर पड़ेगा अलग-अलग प्रभाव
मंगल के कर्क राशि में गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर एक जैसा नहीं रहेगा। जन्म कुंडली में मंगल की स्थिति, लग्न, चंद्र राशि और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर इसके परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ राशि वालों के लिए यह समय करियर, आर्थिक स्थिति, साहस और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकता है, जबकि कुछ लोगों को क्रोध, विवाद, खर्च और निर्णय लेने में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जाती है।
इस दौरान मंगल और गुरु की युति को देखते हुए कई राशि वालों को नए अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, मंगल के नीच राशि में होने के कारण भावनात्मक निर्णय लेने से बचना और परिस्थितियों को धैर्यपूर्वक संभालना महत्वपूर्ण माना जाएगा।





















