होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के उन दावों को खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी सेनाओं ने पिछले दो महीनों के दौरान होर्मुज स्ट्रेट से एक अरब बैरल से अधिक तेल ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही में मदद की।
ईरान ने अमेरिकी दावे को झूठा और हास्यास्पद करार देते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नियंत्रण और पहल अभी भी उसके हाथ में है।
ईरानी सेना ने क्या कहा?
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (IRNA) के अनुसार, ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेखरची ने अमेरिकी दावे को खारिज किया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में परिस्थितियों पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है।
शेखरची ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर की ओर से पिछले दो महीनों में होर्मुज स्ट्रेट से एक अरब बैरल से अधिक तेल ले जाने वाले जहाजों को सुरक्षा देने का दावा वास्तविकता से परे है।
ईरान का होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण का दावा
ईरानी सैन्य अधिकारी ने दावा किया कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर ईरान की महत्वपूर्ण पकड़ है। उनके मुताबिक, ईरान की अनुमति के बिना कोई भी जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर सकता।
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है और दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां से होने वाली तेल और ऊर्जा आपूर्ति वैश्विक बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
अमेरिका के दावे पर उठे सवाल
ईरान की ओर से आया यह बयान अमेरिकी सेंट्रल कमांड के उस दावे के जवाब में है, जिसमें अमेरिकी सैन्य बलों द्वारा समुद्री मार्ग से तेल परिवहन करने वाले जहाजों की सुरक्षा में भूमिका निभाने की बात कही गई थी।
दोनों देशों के बीच लंबे समय से क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री आवाजाही और ऊर्जा परिवहन को लेकर तनाव बना हुआ है। ऐसे में होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों के दावे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।





















