नई दिल्ली: स्वस्थ रहना भी एक ज्ञान और विज्ञान है समस्त क्षमताओं को अपने आप से समेटे आज भी भारत भूमि की पावन मिटटी के बारे में कुछ जानने का अवसर प्राप्त हुआ तथा कुछ तथ्य ऐसे हाथ लगे जिससे आप अपने आप को न सिर्फ स्वस्थ बल्कि किसी भी संक्रमण रोग से लडने की शक्ति आपके शरीर में प्रवेश कर जाती है, शरीर पंचतत्व से निर्मित है और यदि आपको अपने आप को स्वस्थ रखना है तो मिटटी की बर्तन में ही भोजन बनाना पडेगा, कुछ प्रतिभाशाली भारतीय शोधकर्त्ता से अनुरोध कर इस विषय पर जब जानना चाहा तो भारत के भूतपूर्व वैज्ञानिक तथा प्रवक्त्ता स्व. श्री राजीव दीक्षित का नाम सामने आया, 100 ग्राम दाल को प्रेशर कुकर में तथा मिटटी की हाण्डी में बनाकर परिक्षण किया गया और जो परिणाम आया वो आश्चर्य चकित कर देने वाला था, परन्तु एक बात स्पष्ट हो गयी कि मनुष्य शरीर के शरीर को 18 पोषक तत्व की आवश्यकता है और दाल हो या सब्जी सब मिटटी से 18 पोषक तत्व लेकर ही आते है परन्तु उसे जैसे ही पूर्ण रूप से बन्द कर एल्यूमिनियम के बर्तन में बनाया जाता है तो वो अपने पोषक तत्व को समाप्त कर शूक्ष्म रूप में शरीर को प्राप्त होते हैं, परन्तु वही दाल जब मिटटी की हाण्डी में बनायी गई तो 100 प्रतिशत सुरक्षित पोषक तत्व का विशेलेषण सामने आया,
जब भूतपूर्व वैज्ञानिक श्री आर. एन. वर्मा जी भी इस बात पर जोर देकर कह रहे है कि यदि मनुष्य को स्वस्थ रहना है तो अपने पुरानी तरीके से ही भोजन को बनाना और खाना होगा, सबसे खराब मैटल यदि भोजन पचाने के लिए है तो वो है एल्यूमिनियम, शरीर पंचतत्व से बना है और उसे अगर अपने पूरे तत्व मिलते रहे तो व्यक्ति की बीमार होने लगभग सम्भवना समाप्त हो जाती है कहते है कि मिटटी की हाण्डी में भोजन पका कर खाने से पंचतत्व का संतुलना बनाना सम्भव हो जाता है
सुनील शुक्ल
उपसंपादक: सत्यम् लाइव





















