प्रदेश में मत्स्य क्षेत्र को नई दिशा, मछुआ समाज के उत्थान पर सरकार का विशेष फोकस
बजट भाषण में मत्स्य विभाग के विस्तार, योजनाओं और सम्मानजनक आजीविका सृजन का रोडमैप प्रस्तुत
लखनऊ, 20 फरवरी (सत्यम् लाइव ब्यूरो)। प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में मत्स्य विभाग के सशक्तिकरण तथा मछुआ समाज के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं और प्रावधानों की घोषणा की है। बजट भाषण के दौरान मा० मुख्यमंत्री जी ने विभाग की उपलब्धियों तथा भविष्य की कार्ययोजना को विस्तार से रखते हुए सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया।
“मत्स्य विभाग का उत्थान और मछुआ समाज का सम्मान — यही सरकार की पहचान”
इस मूल भावना को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मत्स्य संसाधनों के वैज्ञानिक विकास, रोजगार सृजन और मछुआ समुदाय की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत कराया कि मत्स्य मंत्री मा० डॉ. संजय कुमार निषाद के नेतृत्व में विभाग ने पिछले वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
विभाग का लक्ष्य प्रदेश को मत्स्य उत्पादन एवं प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है तथा मछुआ समाज के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि पहले जिन क्षेत्रों की उपेक्षा हुई, उन्हें अब योजनाबद्ध तरीके से मुख्यधारा में लाया जा रहा है। वर्तमान में मत्स्य विभाग आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, संसाधन विकास तथा आजीविका संवर्धन के माध्यम से नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
प्रदेश में तालाबों के विकास, मत्स्य पालन को प्रोत्साहन, तथा मछुआ समुदाय को सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि मछुआ समाज को सम्मानजनक पहचान और स्थायी आय उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री एवं मत्स्य मंत्री के संयुक्त नेतृत्व में विभाग ने रिकॉर्ड स्तर पर कार्य करते हुए मत्स्य क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। आगामी योजनाओं से रोजगार, पोषण और निर्यात संभावनाओं में भी वृद्धि होने की उम्मीद जताई गई है।





















