रायपुर: बजट सत्र के दौरान आज सदन में मनरेगा को ‘जी राम जी’ किए जाने के मुद्दे पर जोरदार टकराव देखने को मिला. कांग्रेस ने इसे गरीबों के हितों पर चोट बताते हुए शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की, लेकिन आसंदी द्वारा प्रस्ताव खारिज होते ही सदन में हंगामा बढ़ गया, जिसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया.
कांग्रेस ने मनरेगा को बताया बेहतर, जी राम जी पर उठाए सवाल
शून्यकाल के दौरान पाटन से विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधा. बघेल ने कहा कि पहले की मनरेगा योजना ज्यादा प्रभावी थी. उन्होंने ‘जी राम जी’ व्यवस्था को गरीबों के हितों के खिलाफ बताते हुए इस पर विस्तृत चर्चा की मांग की और स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने की अपील की.
मनरेगा से गरीबों को संबल मिल रहा था. जी रामजी योजना लाकर गरीबों और मजदूरों का हाथ काटने की कोशिश केंद्र सरकार कर रही है: चरणदास महंत, नेता प्रतिपक्ष
कांग्रेस गांधी जी के सिर्फ नाम का इस्तेमाल अपने सियासी फायदे के लिए करती है, हम गांधी के विचारों पर चलने वाली पार्टी हैं. गांधी जी को रामजी पर भरोसा था हम उनके इसी विचार को लेकर आगे बढ़ रहे हैं. मनरेगा से बेहतर जी रामजी योजना है: विजय शर्मा, डिप्टी सीएम
सत्ता पक्ष ने किया जोरदार पलटवार
बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने विपक्ष के रुख पर पलटवार करते हुए कहा कि विधानसभा किसी पार्टी की राजनीति का मंच नहीं है. उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले से तय एजेंडे के तहत सदन का समय बर्बाद कर रहा है और गंभीर चर्चा से बच रहा है. पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद सदन का माहौल गरमा गया. नारेबाजी और तीखी बहस के बीच स्थिति हंगामेदार हो गई. नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि यह मुद्दा सीधे गरीबों और मजदूरों से जुड़ा है, इसलिए इस पर चर्चा जरूरी है.
कार्यवाही स्थगित, फिर भी गतिरोध कायम
लगातार हंगामे के चलते आसंदी को सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी. कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी विपक्ष अपने रुख पर कायम रहा. चरणदास महंत ने सरकार की ‘नियत’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ नीति का नहीं बल्कि नीयत का मामला है.
सदन में चर्चा नहीं होने नाराज विपक्ष का वॉकआउट
कवासी लखमा समेत विपक्ष के कई नेताओं ने इसे गरीबों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए चर्चा की मांग दोहराई. लेकिन स्थगन प्रस्ताव खारिज होने से नाराज विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया. मनरेगा और ‘जी राम जी’ को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है. एक ओर विपक्ष इसे गरीबों के अधिकारों का मुद्दा बना रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे सियासी स्टंट करार दे रहा है. साफ है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और तेज होने वाला है.





















