अमेरिका में मिनेसोटा, केंटकी, इलिनाॅय, जॉर्जिया, फ्लोरिडा, कैलिफोर्निया, कोलोराडो, ओरेगन, पेंसिल्वेनिया, साउथ कैरोलिना, टेनेसी, विस्कॉन्सिन, उटाह, वॉशिंगटन, ओहायो और न्यूयॉर्क में अभी भी चल रहे हैं विरोध प्रदर्शन।
सत्यम् लाइव, 1 जून 2020, दिल्ली।। अमेरिका के मिनेपॉलिस में एक अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत भडकी हिन्सा अमेरिका के कई राज्यों में फैल गई। हुआ यूॅ था कि पुलिस ने एक अश्वेत व्यक्ति को पकड़ा उसके बाद उसके गर्दन पर बैठकर मारते हुए पुलिस वाले का वीडियो वायरल हो गया और फिर उसकी मौत हो गयी। इससे भड़की हिंसा की आंच व्हाइट हाउस तक पहुंच चुकी है। रविवार को पत्थरबाजी के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुरक्षित बंकर में ले जाया गया है। वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी समेत अमेरिका के चालीस शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। वाशिंगटन में बड़ी संख्या में लोग व्हाइट हाउस के बाहर एकत्रित होकर नारेबाजी करने लगे।प्रदर्शनकारियों ने प्लास्टिक की बोतलों में पानी भरकर पुलिसकर्मियों फेंकी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं प्रदर्शनकारियों ने व्हाइट हाउस के नजदीक शेवरलेट की गाड़ियों में आग लगा दी। यह गाड़ियां पुलिस और विशेष सेवा के अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल की जाती हैं। प्राप्त सूचना के अनुसार अभी तक पूरे अमेरिका 1400 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। अब अमेरिका में हालात बेहद तनावपूर्ण हो चुके हैं. मिनिपोलिस से शुरू हुआ आंदोलन पूरे देश में फैल चुका है। लोगों ने उन पुलिस थानों को आग लगा दी, जहां पर आरोपी पुलिसकर्मी काम करते थे। आरोपी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है, लेकिन अश्वेत समुदाय के लोग आरोपियों पर हत्या का मुकदमा चलाने की मांग रहे हैं। लोग चार दिन से सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन इसमें दंगाइयों को भी मौका मिल गया, वो जगह जगह आग लगा रहे हैं। सिर्फ यही नहीं वो आतिशबाज़ी और डांस करके जश्न भी मना रहे हैं। दूसरी तरफ अभी कोरोना पूरी तरह से समाप्त नहीं है परन्तु इस दंगे ने ये तो बता दिया कि कोरोना से अमेरिका के लोग कितने भयभीत हैंं क्योंकि बिना मास्क लगाये। रोड पर घूमता हुआ व्यक्ति शायद सारी सच्चाई वयां कर रहा है परन्तु अब हमारी सोचने की शक्ति टीवी के पीछे रखी हुई है।
उपसम्पादक सुनील शुक्ल





















