सत्यम् लाइव, 1 अगस्त 2021, झारखण्ड,।। तत्कालिन शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने 2020 के अगस्त माह में डुमरी स्थित देवी महतो स्मारक इंटर महाविद्यालय नावाडीह में एडमिशन कराया था। विशेषता ये है कि इस विद्यालय की स्थापना स्वयं ही की थी। जगरनाथ महतो जी का मानना है कि पढ़ाई की कोई सीमा नहीं होती है। परन्तु परिणाम सुखद नहीं आया। पत्रकारों ने जब शिक्षा मंत्री से इस विषय पर चर्चा की तो उन्होंने बताया कि मुझे कोरोना हो गया था और 20 दिनों तक इलाज के बाद भी जब उनकी स्थिति नहीं सुधरी तो उन्हें चेन्नई स्थित एमजीएम अस्पताल एयरलिफ्ट कर ले जाया गया।
कोरोना संक्रमण के कारण उनका फेफड़ा पूरी तरह खराब हो गया था। चिकित्सकों की सलाह और देखरेख में उनका लंग्स ट्रांसप्लांट करवाया गया। लौटने के कुछ दिन बाद ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें उनका विभाग भी सौंप दिया है। सेहत नाजुक होने के बावजूद शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो अस्पताल की समस्याओं को फोन के माध्यम से सुन रहे हैं इसी बीच झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट का रिजल्ट प्रकाशित किया जा चुका है।
सुनील शुक्ल





















