योगेश कुमार सोनी, ग्रेटर नोएडा। जनपद गौतमबुद्धनगर में छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से परिषदीय विद्यालयों में संचालित मीना मंच की साप्ताहिक गतिविधियां जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री राहुल पवार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित की गईं। उनके निर्देशानुसार शैक्षिक कैलेंडर के अनुरूप प्रत्येक शनिवार को विद्यालयों में विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
इसी क्रम में शनिवार को जनपद के चारों ब्लॉक दनकौर, जेवर, बिसरख और दादरी के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मीना मंच की साप्ताहिक गतिविधियां संपन्न हुईं। इस सप्ताह की गतिविधियों का मुख्य विषय ‘सेल्फ एस्टीम’ यानी आत्मसम्मान रहा। इसका उद्देश्य बच्चों में आत्मसम्मान की भावना विकसित करने, लैंगिक भेदभाव के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करना था।
‘अरमान’ कहानी और ‘गायब हाथी’ कॉमिक के माध्यम से जागरूकता
राज्य परियोजना कार्यालय ‘समग्र शिक्षा’ की ओर से निर्धारित शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार इस सप्ताह बच्चों के साथ ‘हमारा परिवार एवं लिंग भेदभाव—अरमान’ विषय पर चर्चा की गई। इसके साथ ही ‘गायब हाथी’ कॉमिक बुक का एकल पाठ कराया गया और संबंधित विषय पर बच्चों के अनुभव सुनकर चर्चा की गई।
सुगमकर्ताओं ने कॉमिक बुक और कहानी के माध्यम से बच्चों को परिवार में लड़के और लड़कियों के साथ होने वाले भेदभाव के बारे में समझाया। साथ ही, उन्हें ऐसी परिस्थितियों से आगे बढ़कर अपने अरमानों और सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया।
गतिविधि के दौरान बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए और परिवार तथा समाज में समान व्यवहार के महत्व पर चर्चा की। इस प्रक्रिया के माध्यम से बच्चों को अपनी बात रखने, दूसरों के विचार सुनने और लैंगिक समानता को समझने का अवसर मिला।
परिवार है समानता की पहली पाठशाला
मीना मंच की इस गतिविधि के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि परिवार ही समानता की पहली पाठशाला है। यदि परिवार में बेटे और बेटी को समान प्यार, शिक्षा और अवसर मिलते हैं, तो लैंगिक भेदभाव को कम करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
बच्चों में बचपन से ही आत्मसम्मान की भावना विकसित करना आवश्यक है, ताकि वे अपने अधिकारों और क्षमताओं को पहचान सकें। समानता पर आधारित सोच बच्चों को भविष्य में एक बेहतर और समावेशी समाज के निर्माण के लिए प्रेरित कर सकती है।
बालिकाओं को अपनी बात निडरता से रखने के लिए किया जा रहा प्रेरित: अर्चना पांडे
इस अवसर पर बालिका शिक्षा की जिला नोडल श्रीमती अर्चना पांडे ने कहा कि मीना मंच के माध्यम से बच्चियों में छिपी प्रतिभा को निखारने और उन्हें अपनी बात निडरता से रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “‘अरमान’ जैसी कहानियां बच्चियों को सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस देती हैं।”
कक्षा में समानता पर चर्चा से बदलेगी समाज की सोच: विनय कुमार सिंह
जिला समन्वयक श्री विनय कुमार सिंह ने कहा कि समाज को लैंगिक विभेद से ऊपर उठकर कार्य करना होगा और बच्चों के साथ कम उम्र से ही इस विषय पर बातचीत की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब कक्षा में ही बच्चों के साथ समानता पर चर्चा होगी, तभी समाज की सोच में बदलाव लाने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा सकेंगे।
अधिकारियों और सुगमकर्ताओं के सहयोग से संपन्न हुई गतिविधियां
जनपद के चारों ब्लॉकों में आयोजित मीना मंच की साप्ताहिक गतिविधियों का संचालन जिला समन्वयक, ब्लॉक नोडल, मास्टर ट्रेनर और समस्त सुगमकर्ताओं के सहयोग से किया गया।
इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मसम्मान, लैंगिक समानता और अपने विचारों को व्यक्त करने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जागरूक बनाते हुए उन्हें समान अवसरों और सम्मान पर आधारित समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।














