योगेश कुमार सोनी, ग्रेटर नोएडा | मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय झट्टा में 15 और 16 अक्टूबर को बालिका सशक्तीकरण, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता एवं आत्मसम्मान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण एक्सपोजर विजिट आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन में उपयोगी जानकारी, व्यावहारिक कौशल और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास किया गया।
बैंकिंग साक्षरता से आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ीं छात्राएं
15 अक्टूबर को पंजाब नेशनल बैंक, बदौली बांगर में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बैंक प्रबंधक श्रीमती महिमा वर्मा और बैंक स्टाफ ने छात्राओं को बैंकिंग सेवाओं, बैंक खाते के संचालन, बचत के महत्व तथा धन के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बैंकिंग प्रक्रियाओं को समझने और आर्थिक आत्मनिर्भरता के महत्व को जानने का अवसर मिला। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में वित्तीय समझ विकसित करना और उन्हें भविष्य में आर्थिक मामलों से जुड़े बेहतर निर्णय लेने के लिए जागरूक बनाना रहा।
स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी के साथ आत्मसम्मान पर जोर
16 अक्टूबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दाढ़ा, कासना, गौतमबुद्धनगर में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्र के वार्ड बॉय श्री राजकुमार ने शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ छात्राओं को विभिन्न स्वास्थ्य विभागों की कार्यप्रणाली से परिचित कराया। साथ ही, उन्हें चिकित्सकों से मिलवाकर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, पंजीकरण एवं पर्चा बनवाने की प्रक्रिया, चिकित्सकीय परामर्श और स्वास्थ्य जांच से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दिलवाईं।
इस दौरान छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, आवश्यकता पड़ने पर उचित चिकित्सा सहायता लेने, अपनी समस्याओं को निःसंकोच व्यक्त करने तथा आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करने के बाद छात्राओं में उत्साह, जागरूकता और आत्मविश्वास देखने को मिला।
व्यावहारिक शिक्षा से आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास
दोनों कार्यक्रमों में परी, आरती, राधा, अनुष्का, पूनम, नाजिश, अंजली, अनुराधा, प्रीति, अंशिका, मानसी सहित अनेक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रत्यक्ष अनुभवों ने उन्हें यह समझने का अवसर दिया कि जागरूकता, सही जानकारी और आत्मविश्वास जीवन में बेहतर निर्णय लेने के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रमों को सफल बनाने में मीना मंच एवं मिशन शक्ति की गतिविधियों को प्रमुखता से संचालित कर रहीं शिक्षिका श्रीमती सुनीता चौरसिया, श्री राजीव शर्मा तथा विद्यालय परिवार की सक्रिय भूमिका रही।
शिक्षा के साथ वित्तीय समझ और स्वास्थ्य जागरूकता जरूरी: सतीश पीलवान
इस अवसर पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष श्री सतीश पीलवान ने बालिका सशक्तीकरण से जुड़े ऐसे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के साथ वित्तीय समझ, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, आत्मसम्मान और निर्णय लेने की क्षमता से सुसज्जित करना समय की आवश्यकता है।
विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों के लिए सक्षम बनाना उद्देश्य
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री सतीश कुमार सिंह ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक परिस्थितियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभवात्मक कार्यक्रम बालिकाओं में आत्मविश्वास विकसित करने के साथ उन्हें अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और भविष्य के प्रति जागरूक बनाते हैं।
आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम
मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित इन कार्यक्रमों का मूल संदेश रहा कि जब बालिकाएं आर्थिक रूप से जागरूक, स्वास्थ्य के प्रति सजग और आत्मसम्मान से परिपूर्ण होती हैं, तो वे आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा सकती हैं। ऐसी पहलें सुरक्षित, समानतापूर्ण और सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मिशन शक्ति का संकल्प—हर बालिका को ज्ञान, हर बालिका को सम्मान और हर बालिका को आत्मनिर्भरता की उड़ान।





















