पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने हाल ही में दावा किया है कि भारत अगले 24 से 36 घंटों में पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। यह बयान 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद आया है,
जिसमें 26 हिंदू पर्यटक मारे गए थे। भारत ने इस हमले के लिए तीन आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है, जिनमें दो पाकिस्तानी नागरिक हैं। पाकिस्तान ने इस हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है और एक निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी संकेत दिया है कि भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई की संभावना है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए, क्योंकि अगले कुछ दिनों में युद्ध की संभावना है। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान एक चेतावनी थी, न कि युद्ध की भविष्यवाणी।
भारत ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं, जिनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना और पाकिस्तान से आने वाले विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करना शामिल है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलीबारी की घटनाएं बढ़ गई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सेना को आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए “फ्री हैंड” दिया है। उन्होंने सेना प्रमुखों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान के साथ बैठक की है। सेना को कार्रवाई के तरीके और समय का निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी गई है।
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह भारत पर दबाव डाले ताकि स्थिति और न बिगड़े। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और ब्रिटेन ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। ब्रिटेन ने पहलगाम हमले की निंदा की है और भारत को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की चिंता भारत की सैन्य तैयारियों और अंतरराष्ट्रीय समर्थन को देखकर बढ़ी है। भारत का सैन्य खर्च पाकिस्तान की तुलना में लगभग नौ गुना अधिक है, जिससे उसकी सैन्य क्षमता कहीं अधिक है।
इस स्थिति में, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर रखे हुए है। आने वाले दिन इस क्षेत्र के लिए निर्णायक हो सकते हैं।





















