चक मल्हौरी भूमि कब्जा प्रकरण पर सख्ती • विभाग में मचा हड़कंप • दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई
लखनऊ, 19 फरवरी 2026 (सत्यम् लाइव ब्यूरो)।
उत्तर प्रदेश के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश मत्स्य विकास निगम लिमिटेड, उत्तर प्रदेश मत्स्य जीवी सहकारी संघ लिमिटेड, एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र तथा विभागीय परिसंपत्ति चक मल्हौरी का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के अचानक पहुंचने से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निगम एवं फेडरेशन के जलाशयों की नीलामी प्रक्रिया, आय-व्यय विवरण, अभिलेख, मालखाना और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
मुख्य बिंदु:
– शारदा सागर जलाशय, पीलीभीत में लगभग ₹1.60 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर।
– राजस्व क्षति पहुंचाने में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ठेकेदारों की संलिप्तता की आशंका।
– मंत्री ने तत्काल उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने के दिए निर्देश।
– दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश।
निरीक्षण के दौरान मंत्री सर्वप्रथम उत्तर प्रदेश मत्स्य विकास निगम लिमिटेड पहुंचे, जहां आधे से अधिक कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। महानिदेशक मत्स्य श्रीमती के. धनलक्ष्मी एवं निदेशक मत्स्य/प्रबंध निदेशक श्री एन.एस. रहमानी मौके पर उपस्थित रहे।
चक मल्हौरी भूमि पर अवैध कब्जा उजागर
निरीक्षण में मत्स्य विभाग की परिसंपत्ति—
गाटा संख्या–16, ग्राम ऊसर, चक मल्हौरी (तहसील सदर, लखनऊ) की 0.734 हेक्टेयर भूमि पर गंभीर अनियमितता सामने आई।
– लगभग 3000 वर्ग फीट सरकारी भूमि पर स्थानीय व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा पाया गया।
– भूमि का सर्किल रेट ₹10,000 प्रति वर्ग फीट से अधिक आंका गया है।
– सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में लापरवाही पर मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
20 फरवरी को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाने के निर्देश
मंत्री ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए
20 फरवरी 2026, प्रातः 9:00 बजे, एकलव्य मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र, कठौता (लखनऊ) में स्थलीय निरीक्षण के बाद समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में प्रशासन एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया है, जिनमें—
अपर मुख्य सचिव (मत्स्य), विशेष सचिव, महानिदेशक मत्स्य, निदेशक मत्स्य, जिलाधिकारी लखनऊ, पुलिस आयुक्त, नगर आयुक्त, लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी शामिल रहेंगे।
राजस्व क्षति और भ्रष्टाचार पर सरकार का कड़ा रुख
डॉ. संजय निषाद ने स्पष्ट कहा कि
सरकारी योजनाओं और संपत्तियों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होगी और दोषियों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं मिलेगा।





















