सत्यम् लाइव, 30 अगस्त 2021 उत्तर प्रदेश।। खबरों के मुताबिक मक्खनपुर क्षेत्र, फिरोजाबाद, से प्रारम्भ हुआ डेंगू ने अब कई गॉवों को अपनी चपेट में ले लिया है और अब तक लगभग 42 बच्चों को अकाल ग्रास कर लिया है। ये कहने में उचित ही होगा कि हमारी सरकारों सहित स्वास्थ्य विभाग सदैव पश्चिमी उपयोगिता को जो विज्ञान मानकर जी रहा है उस पर इंतजाम कभी सही साबित नहीं हो सकता है। प्राप्त सूचना के अनुसार एक ही दिन में आठ बच्चों की मौत हो गयी है शांती नगर की 7 वर्षीय राखी, संतनगर के 10 वर्षीय केशव, हिमायूंपुर निवासी 25 वर्षीय मनोज, आजाद नगर निवासी 6 वर्षीय कृष्णा, करबला की 12 वर्षीय संगीता, प्रीतम नगर निवासी 4 वर्षीय राधिका, महादेव नगर 1 वर्षीय तनिष्का, सविता नगर निवासी 16 वर्षीय अभय को मौत ने ग्रास कर लिया है।
संस्कृति में कहा गया है ‘‘काल मृत्युहरणं सर्वव्याधि विनाशनम्‘‘ अर्थात् सारी व्याधि को समाप्त करने की शक्ति रखती है। उर्दू में रेहान अर्थात् तुलसी को जन्नत का पौधा कहा गया है।
जीव भाई ने जो औषधि का प्रयोग किया वो है …………….. तुलसी का काढ़ा बनाओ उसमें नीम की गिलोय, सोंठ, छोटी पीपर में थोड़ा गुड़ मिला लो बस इसी औषधि से डेंगू के लाखों व्यक्तियों को ठीक किया था। ये व्याख्यान आज भी नेट पर उपलब्ध है। इसके बावजूद भी यदि फिरोजाबाद में 42 बच्चों की डेंगू से मौत हो जाती है तो शर्म की बात है।
सुनील शुक्ल





















