नई दिल्ली/लखनऊ | विशेष संवाददाता
Uttar Pradesh tableau 2026: गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत उत्तर प्रदेश की भव्य झांकी ने परेड स्थल पर मौजूद लाखों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार की गई इस झांकी में बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का प्रभावशाली समन्वय देखने को मिला, जिसने राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश की सशक्त पहचान को और मजबूत किया।
जैसे ही उत्तर प्रदेश की झांकी कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ी, दर्शक दीर्घा में उत्साह साफ नजर आया। तालियों की गूंज, कैमरों की फ्लैश और मोबाइल फोन से झांकी को रिकॉर्ड करते लोग इस बात का प्रमाण थे कि यह प्रस्तुति दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ रही है।

🏰 कालिंजर दुर्ग ने जीवंत की ऐतिहासिक विरासत
झांकी के अग्रभाग में कालिंजर दुर्ग की शैल-कला, एकमुख लिंग और प्राचीन स्थापत्य की झलक ने बुंदेलखंड की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को जीवंत कर दिया। यह दृश्य प्रदेश की ऐतिहासिक गौरवगाथा को प्रभावी ढंग से दर्शाता नजर आया।
🎨 ODOP और हस्तशिल्प ने दर्शकों को किया आकर्षित
झांकी के मध्य भाग में बुंदेलखंड की मृद्भांड कला, मनका शिल्प और पारंपरिक हस्तशिल्प को प्रदर्शित किया गया।
‘एक जनपद एक उत्पाद (ODOP)’ योजना के अंतर्गत प्रस्तुत इन कलाओं ने उत्तर प्रदेश की आत्मनिर्भरता, कारीगरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय मंच पर उजागर किया।
💃 लोकनृत्य और पर्यटन से झलकी सांस्कृतिक जीवंतता
बुंदेली लोकनृत्यों की रंगीन प्रस्तुतियों ने झांकी में ऊर्जा और उत्सवधर्मिता भर दी। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों की जीवंत मुद्राओं ने बुंदेलखंड के लोकजीवन और सांस्कृतिक विविधता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
नीलकंठ महादेव मंदिर और कालिंजर दुर्ग की झलकियों ने पर्यटन और आस्था के संगम को भी दर्शाया।
🚀 आधुनिक उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा ने बढ़ाया गौरव
झांकी के अंतिम हिस्से में ब्रह्मोस मिसाइल, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक कॉरिडोर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की झलक ने उत्तर प्रदेश के बदलते और विकसित स्वरूप को सामने रखा।
विरासत से आधुनिकता की यह यात्रा यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संजोते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
🇮🇳 विरासत और विकास की एकजुट तस्वीर
पूरी झांकी के दौरान दर्शक हर दृश्य को उत्सुकता और गर्व के साथ निहारते रहे। परंपरा और प्रगति के संतुलित संगम ने उत्तर प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त किया।
गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में उत्तर प्रदेश की यह झांकी सांस्कृतिक गौरव और विकासशील सोच का प्रभावी प्रतीक बनकर उभरी।





















