मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर सक्रिय होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसम तंत्र प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने और 24 सितंबर से कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।
इससे पहले प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और रिमझिम का दौर जारी रहने का अनुमान है। प्रदेश में अब तक औसतन 33.9 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है, जो सामान्य बारिश 37.3 इंच का करीब 91 प्रतिशत है। यानी प्रदेश में मानसून के सामान्य कोटे से अभी करीब 9 प्रतिशत बारिश कम है।
बंगाल की खाड़ी से फिर बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार तक निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर अंडमान सागर और आसपास के इलाकों में बना हुआ था। इसके बाद यह आगे बढ़ गया। अब इसके पश्चिम-उत्तर दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे मजबूत होने की संभावना जताई गई है।
मौसम तंत्र के 21 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गहरे निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके बाद 22 सितंबर को इसके और मजबूत होने का अनुमान है।
23 सितंबर से बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
इस मौसम तंत्र के प्रभाव से मध्य प्रदेश में 23 सितंबर की सुबह से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कई जिलों में बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
इसके बाद 24 सितंबर से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने इस दौरान कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।
मानसून कोटे से अभी 9 प्रतिशत कम बारिश
मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक औसतन 33.9 इंच बारिश हुई है। सामान्य आंकड़ा 37.3 इंच है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से करीब 3.4 इंच यानी लगभग 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी से बनने वाले नए सिस्टम के प्रभाव से बारिश में तेजी आती है तो प्रदेश में बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। हालांकि मौसम तंत्र की दिशा और ताकत के आधार पर जिलावार बारिश की स्थिति में बदलाव संभव है।





















