• About
  • Team
  • Contact
  • E-Newspaper
  • Advertisement
Tuesday, November 3, 2026
Satyam Live
Advertisement
  • होम
  • विदेश
  • भारत
  • राज्य
    • दिल्ली
    • एन.सी.आर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
  • विशेष
  • राजनीति
  • क्राइम
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • करियर
  • खेल
  • धर्म
  • सोशल
  • टेक्नोलॉजी
  • लाइफस्टाइल
  • वीडियो
No Result
View All Result
  • होम
  • विदेश
  • भारत
  • राज्य
    • दिल्ली
    • एन.सी.आर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
  • विशेष
  • राजनीति
  • क्राइम
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • करियर
  • खेल
  • धर्म
  • सोशल
  • टेक्नोलॉजी
  • लाइफस्टाइल
  • वीडियो
No Result
View All Result
Satyam Live
Home
उत्तराखंड

नेतृत्व के प्रश्न पर गहराता धुंधलका

SATYAM LIVE (Web Desk) by SATYAM LIVE (Web Desk)
June 14, 2018
in उत्तराखंड, विज्ञापन
5.5k 56
A A
0
New Delhi: AIADMK members protest in the well of Lok Sabha in New Delhi on Thursday. PTI Photo / TV GRAB  (PTI4_5_2018_000130B)

New Delhi: AIADMK members protest in the well of Lok Sabha in New Delhi on Thursday. PTI Photo / TV GRAB (PTI4_5_2018_000130B)

Share on Whatsaap
Share on Telegram
Share on Facebook
Share on Twitter
Share on LinkedIn
ADVERTISEMENT

यें ख़बरेंभी पढ़ें :-

ट्रंप और किम जोंग आज करेगे ऐतिहासिक वार्ता

शहद का अत्यधिक सेवन करने से हो सकते है नुकसान

2018: RRB ने 90,000 पदों के लिए आवेदन कर रहे उम्मीदवारों को सावधान किया

आज जबकि देश और दुनिया में सर्वत्र नेतृत्व के प्रश्न पर एक घना अंधेरा छाया हुआ है, निराशा और दायित्वहीनता की चरम पराकाष्ठा ने वैश्विक, राजनीति, सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक नेतृत्व को जटिल दौर में लाकर खड़ा कर दिया है। समाज और राष्ट्र के समुचे परिदृश्य पर जब हम दृष्टि डालते हैं तो हमें जिन विषम और जटिल परिस्थितियों से रू-ब-रू होना पड़ता है, उन विषम हालातों के बीच ठीक से राह दिखाने वाला कोई नेतृत्व नजर नहीं आता। न केवल पारिवारिक नेतृत्व अपनी जमीन छोड़ रहा है बल्कि सामाजिक नेतृत्व भी गुमराह की स्थिति में है और राष्ट्रीय नेतृत्व तो रामभरोसे ही है।
हालही में नेतृत्व के प्रश्न पर एक करारा व्यंग्य पढ़ा था-‘देश और ट्रेन में यही अंतर है कि ट्रेन को लापरवाही से नहीं चलाया जा सकता।’ यानी देश के संचालन में की गई लापरवाही तो क्षम्य हैं पर ट्रेन के पटरी से उतरने में की गई लापरवाही क्षम्य नहीं, क्योंकि इसके साथ आदमी की जिंदगी का सवाल जुड़ा है। मगर हम यह न भूलें कि देश का नेतृत्व अपने सिद्धांतों और आदर्शों की पटरी से जिस दिन उतर गया तो पूरी इन्सानियत की बरबादी का सवाल उठ खड़ा होगा।
आज देश में लोकतांत्रिक, सांस्कृतिक, नैतिक जीवन-मूल्यों के मानक बदल गये हैं न्याय, कानून और व्यवस्था के उद्देश्य अब नई व्याख्या देने लगे हैं। चरित्र हाशिए पर आ गया, सत्ता केन्द्र में आ खड़ी हुई। ऐसे समय में कुर्सी पाने की दौड़ में लोग जिम्मेदारियां नहीं बांटते, चरित्र बांटने लगते हैं और जिस देश का चरित्र बिकाऊ हो जाता है उसकी आत्मा को फिर कैसे जिन्दा रखा जाए, चिन्तनीय प्रश्न उठा खड़ा हुआ है। आज कौन अपने दायित्व के प्रति जिम्मेदार है? कौन नीतियों के प्रति ईमानदार है? इस संदर्भ में आचार्य तुलसी का निम्न कथन यथार्थ का उद्घाटन करता है कि ‘‘ऐसा लगता है कि राजनीतिज्ञ का अर्थ देश में सुव्यवस्था बनाए रखना नहीं, अपनी सत्ता और कुर्सी बनाए रखना है। राजनीतिज्ञ का अर्थ उस नीतिनिपुण व्यक्तित्व से नहीं, जो हर कीमत पर राष्ट्र की प्रगति, विकास-विस्तार और समृद्धि को सर्वोपरि महत्व दें, किन्तु उस विदूषक-विशारद व्यक्तित्व से है, जो राष्ट्र के विकास और समृद्धि को अवनति के गर्त में फेंककर भी अपनी कुर्सी को सर्वाेपरि महत्व देता है।’’ राजनैतिक लोगों से महात्मा बनने की उम्मीद तो नहीं की जा सकती, पर वे पशुता पर उतर आएं, यह ठीक नहीं है।
एक सफल, सार्थक, समर्थ एवं चरित्रसम्पन्न नेतृत्व की आवश्यकता हर दौर में रही है, लेकिन आज यह ज्यादा तीव्रता से महसूस की जा रही है। नेतृत्व कैसा हो, उसका अपना साथियों के साथ कैसा सलूक हो? उसमंे  क्या हो, क्या न हो? वह क्या करे, क्यों करे, कब करे, कैसे करे? इत्यादि कुछ जटिल एवं गंभीर प्रश्न हैं जिनके जवाब ढ़ूंढ़े बिना हम एक सक्षम नेतृत्व को उजागर नहीं कर सकते। इन प्रश्नों के उत्तरों की कसौटी पर ही हमें वर्तमान दौर के सामाजिक, राजनैतिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय नेतृत्व को निर्ममतापूर्वक कसना होगा। जिस नेतृत्व के पास इन प्रश्नों के उत्तर होंगे, जो समयज्ञ होगा, सहिष्णु होगा, तटस्थ होगा, दूरदर्शी होगा, निःस्वार्थी होगा, वैसा ही नेतृत्व जिस समाज या वर्ग को प्राप्त होगा, उसकी प्रगति को संसार की कोई शक्ति बाधित नहीं कर सकेगी। ऐसा ही नेतृत्व नया इतिहास बना सकेगा और भावी पीढ़ी को उन्नत दिशाओं की ओर अग्रसर कर सकेगा। आज देश की सर्वोच्च संस्था संसद एवं विधानसभाओं में जिस तरह की आरोप-प्रत्यारोप की हिंसक संस्कृति पनपी है, एक दूसरे पर जूते-चप्पल फेंके जाते है, माइक, कुर्सी से हमला किया जाता है, छोटी-छोटी बातों पर अभद्र शब्दों का व्यवहार, हो-हल्ला, छींटाकशी, हंगामा और बहिर्गमन आदि घटनाएं ऐसी है जो नेतृत्व को धुंधलाती है। इन हालातों में विडंबना तो यह है कि  किसी जमाने में जहां पद के लिये मनुहारें होती थीं, कहा जाता था – मैं इसके योग्य नहीं हॅूं, तुम्हीं संभालो। वहां आज कहा जाता है कि पद का हक मेरा है, तुम्हारा नहीं। पद के योग्य मैं हॅू, तुम नहीं। नेतृत्व को लेकर लोगों की मानसिकता में बहुत बदलाव आया है, आज योग्य नेतृत्व की प्यासी परिस्थितियां तो हैं, लेकिन बदकिस्मती से अपेक्षित नेतृत्व नहीं हैं। जलाशय है, जल नहीं है। नगर है, नागरिक नहीं है। भूख है, रोटी नहीं है-ऐसे में हमें सोचना होगा कि क्या नेतृत्व की इस अप्रत्याशित रिक्तता को भरा जा सकता है? क्या समाज एवं राष्ट्र के सामने आज जो भयावह एवं विकट संकट और दुविधा है उससे छुटकारा मिल सकता है?
आज के राजनीतिक नेतृत्व की सबसे बड़ी विसंगति और विषमता यह है कि वह परदोषदर्शी है, चाहे पक्ष हो या विपक्ष- हर कोई अच्छाई में भी बुराई देखने वाले हैं। यह नेतृत्व कुटिल है, मायाबी है, नेता नहीं, अभिनेता है, असली पात्र नहीं, विदूषक की भूमिका निभाने वाला है। यह नेतृत्व सत्ता- प्राप्ति के लिये कुछ भी करने से बाज नहीं आता, यहां तक जिस जनता के कंधों पर बैठकर सत्ता तक पहुंचता है, उसके साथ भी धोखा करता है। जिस दल के घोषणा-पत्र पर चुनाव जीतकर आता है, उसकी पीठ में भी सबसे पहले छुरा भोंकता है। इससे भी अधिक घातक है  इस नेतृत्व का असंयमी और चरित्रहीन होना, जो सत्ता में आकर राष्ट्र से भी अधिक महत्व अपने परिवार को देता है। देश से भी अधिक महत्व अपनी जाति और सम्प्रदाय को देता है। सत्ता जिनके लिये सेवा का साधन नहीं, विलास का साधन है। नेतृत्व का चेहरा साफ-सुथरा बने, इसके लिये अपेक्षित है कि इस क्षेत्र में आने वाले व्यक्तियों के चरित्र का परीक्षण हो। आई-क्यू टेस्ट की तरह करेक्टर टेस्ट की कोई नई प्रविधि प्रयोग में आए।
‘‘द ताओ आॅफ लीडरशिप’’ लाओत्जु ताओ ते चिंग की एक अद्भुत, अद्वितीय एवं अप्रतिम कृति हंै जो नये युग के लिए नेतृत्व की रचनात्मक व्यूह रचना प्रस्तुत करती है। नेतृत्व की इन अकालग्रस्त स्थितियों में यह पुस्तक एक प्रकाश की भांति अंधेरे को चीरने का काम करती है। यह पुस्तक नेतृत्व की गीता, नेतृत्व की बाइबिल, नेतृत्व की कुरान और नेतृत्व के आगम हैं। यह अशोक के शिलालेख से कम नहीं है। इसमें नेतृत्व कला और नेतृत्व ज्ञान को गहराई में पैठ कर कम से कम शब्दों में प्रस्तुत किया गया है। वर्तमान नेतृत्व में प्राण का संचार करने के लिए इस तरह की पुस्तकों की जरूरत है। सबसे बड़ी जरूरत है एक नेतृत्व के लिए- वह और कुछ हो न हो- मनुष्य होना बेहद जरूरी है। दुःख इस बात का है कि हमारा तथाकथित नेतृत्व मनुष्यता की कसौटी पर खऱा नहीं है, दोयम है और छद्म है, आग्रही और स्वार्थी है, अकर्मण्य है और प्रवाहपाती है। वही नेतृत्व सफल है जिसका चरित्र पारदर्शी हो। सबको साथ लेकर चलने की ताकत हो, सापेक्ष चिंतन हो, समन्वय की नीति हो और निर्णायक क्षमता हो। प्रतिकूलताओं के बीच भी ईमानदारी से पैर जमाकर चलने का साहस हो। लाओत्जु का भी यही निष्कर्ष है कि एक सच्चे नेतृत्व  में साहस, सामंजस्य एवं संप्रत्यय होना चाहिए, जो दुर्भाग्य से अनुपस्थित है। लेकिन इसकी उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिए हमें ही जागना होगा, संकल्पित होना होगा, तभी नये समाज, नये राष्ट्र का निर्माण संभव है।
प्रेषकः
नेतृत्व के प्रश्न पर गहराता धुंधलका
(ललित गर्ग)
60, मौसम विहार, तीसरा माला, डीएवी स्कूल के पास, दिल्ली-110051
फोनः 22727486, 9811051133
ADVERTISEMENT

📢 ताज़ा ख़बरों के लिए हमारे सोशल चैनलों से जुड़ें:

ADVERTISEMENT
SATYAM LIVE (Web Desk)

SATYAM LIVE (Web Desk)

सम्बंधित ख़बरें :-

प्रिंट, डिजिटल एवं न्यूज़ मीडिया क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम, 'सत्यम् लाइव मीडिया कंसल्टेंसी' ने शुरू की समग्र मीडिया सेवाएँ
विज्ञापन

प्रिंट, डिजिटल एवं न्यूज़ मीडिया क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम, ‘सत्यम् लाइव मीडिया कंसल्टेंसी’ ने शुरू की समग्र मीडिया सेवाएँ

August 2, 2026
5.9k
नैनीताल पर 'जल प्रलय' का खतरा! चूहों के बाद अब मछलियां भी काट रही हैं नैनी झील की जड़ें; माल रोड धंसने की बड़ी चेतावनी
उत्तराखंड

नैनीताल पर ‘जल प्रलय’ का खतरा! चूहों के बाद अब मछलियां भी काट रही हैं नैनी झील की जड़ें; माल रोड धंसने की बड़ी चेतावनी

March 10, 2026
5.9k
Nainital Crime News: नैनीताल घूमने गई दिल्ली की महिला पर्यटक के साथ कैब ड्राइवर की हैवानियत, चलती कार से कूदकर बचाई आबरू
उत्तराखंड

Nainital Crime News: नैनीताल घूमने गई दिल्ली की महिला पर्यटक के साथ कैब ड्राइवर की हैवानियत, चलती कार से कूदकर बचाई आबरू

March 8, 2026
5.9k
धराली में क्यों आया था भयंकर जलप्रलय? ISRO की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, गई थी 68 की जान
उत्तराखंड

धराली में क्यों आया था भयंकर जलप्रलय? ISRO की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, गई थी 68 की जान

March 7, 2026
5.9k
उत्तराखंड ने फिर मारी बाजी! नए कानून लागू करने में देश के सभी राज्यों को पछाड़ा, बना 'टॉप स्टेट'
उत्तराखंड

उत्तराखंड ने फिर मारी बाजी! नए कानून लागू करने में देश के सभी राज्यों को पछाड़ा, बना ‘टॉप स्टेट’

March 7, 2026
5.9k
Shahbaz Confession Wife Murder Case: ‘मैं कहकशा को पसंद नहीं करता था...’, शादी के 4 महीने बाद ही शहबाज ने पत्नी को उतारा मौत के घाट; खौफनाक कबूलनामा
उत्तराखंड

Shahbaz Confession Wife Murder Case: ‘मैं कहकशा को पसंद नहीं करता था…’, शादी के 4 महीने बाद ही शहबाज ने पत्नी को उतारा मौत के घाट; खौफनाक कबूलनामा

March 6, 2026
5.9k
उत्तराखंड की नई पहचान! टिहरी झील को स्पोर्ट्स और टूरिज्म केंद्र बनाने के लिए ₹1300 करोड़ की बड़ी योजना
उत्तराखंड

उत्तराखंड की नई पहचान! टिहरी झील को स्पोर्ट्स और टूरिज्म केंद्र बनाने के लिए ₹1300 करोड़ की बड़ी योजना

March 6, 2026
5.9k
Chardham Yatra 2026 Registration Opens: चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें केदारनाथ-बद्रीनाथ के कपाट खुलने की तारीख और आवेदन का तरीका
उत्तराखंड

Chardham Yatra 2026 Registration Opens: चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें केदारनाथ-बद्रीनाथ के कपाट खुलने की तारीख और आवेदन का तरीका

March 6, 2026
5.9k
रुद्रपुर में तनाव! नमाजी से मारपीट के बाद अटरिया मंदिर प्रबंधक का एक और वीडियो वायरल, क्या और गहराएगी कानूनी मुश्किलें?
उत्तराखंड

रुद्रपुर में तनाव! नमाजी से मारपीट के बाद अटरिया मंदिर प्रबंधक का एक और वीडियो वायरल, क्या और गहराएगी कानूनी मुश्किलें?

March 5, 2026
5.9k
आस्था, परंपरा और प्रगति: उत्तराखंड की इस अनोखी होली ने जीता सबका दिल, पारंपरिक वेशभूषा में लोक कलाकारों ने बांधा समां
उत्तराखंड

आस्था, परंपरा और प्रगति: उत्तराखंड की इस अनोखी होली ने जीता सबका दिल, पारंपरिक वेशभूषा में लोक कलाकारों ने बांधा समां

March 5, 2026
5.9k
Haridwar News: हरिद्वार में होली पर खूनी संघर्ष, 50 लोगों ने मिलकर किया हमला, इलाके में भारी तनाव
उत्तराखंड

Haridwar News: हरिद्वार में होली पर खूनी संघर्ष, 50 लोगों ने मिलकर किया हमला, इलाके में भारी तनाव

March 5, 2026
5.9k
Uttarakhand News: कोटद्वार के युवक से मुलाकात के बाद चर्चा में राहुल गांधी, दीपक कुमार ने जिम मेंबरशिप को लेकर किया बड़ा दावा
उत्तराखंड

Uttarakhand News: कोटद्वार के युवक से मुलाकात के बाद चर्चा में राहुल गांधी, दीपक कुमार ने जिम मेंबरशिप को लेकर किया बड़ा दावा

February 23, 2026
5.9k
  • Trending
  • Comments
  • Latest
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, साबरमती नदी पर 480 मीटर लंबा पुल तैयार

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, साबरमती नदी पर 480 मीटर लंबा पुल तैयार

October 6, 2026
योग्य संतान की प्राप्ति के लिए गर्भाधान कब करे और कब पत्नी से दूर रहें! जानिए..

योग्य संतान की प्राप्ति के लिए गर्भाधान कब करे और कब पत्नी से दूर रहें! जानिए..

March 4, 2017
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का धरना जारी, समान वेतन और नियमितीकरण की मांग

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का धरना जारी, समान वेतन और नियमितीकरण की मांग

October 11, 2026
जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर में चार घरों के ताले टूटे, लाखों की चोरी का आरोप

जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर में चार घरों के ताले टूटे, लाखों की चोरी का आरोप

October 8, 2026
सरदार पटेल जयंती पर समाज को एकजुट करने का आह्वान, डॉ. पल्लवी पटेल ने शिक्षा को बताया विकास की कुंजी

सरदार पटेल जयंती पर समाज को एकजुट करने का आह्वान, डॉ. पल्लवी पटेल ने शिक्षा को बताया विकास की कुंजी

November 1, 2026
हवन और विशाल भंडारे के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

हवन और विशाल भंडारे के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

November 1, 2026
राष्ट्रीय एकता मंच ने कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इंद्राज के समक्ष रखे संगठन के 15 प्रमुख उद्देश्य

राष्ट्रीय एकता मंच ने कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इंद्राज के समक्ष रखे संगठन के 15 प्रमुख उद्देश्य

October 31, 2026
विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने गाजियाबाद में बढ़ाया संगठन का दायरा, अभिषेक सिंह बने महानगर अध्यक्ष

विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने गाजियाबाद में बढ़ाया संगठन का दायरा, अभिषेक सिंह बने महानगर अध्यक्ष

October 29, 2026
ADVERTISEMENT

Stay Connected

  • 78.7k Fans
  • 76.5k Followers
  • 76.9k Followers
  • 56.8k Subscribers
  • 678.6k Followers
  • 67.9k Subscribers
Currently Playing

सावन सोमवार: आगरा के बल्केश्वर महादेव मंदिर में भोलेनाथ के जयकारों से गूंजा शहर

सावन सोमवार: आगरा के बल्केश्वर महादेव मंदिर में भोलेनाथ के जयकारों से गूंजा शहर

सावन सोमवार: आगरा के बल्केश्वर महादेव मंदिर में भोलेनाथ के जयकारों से गूंजा शहर

वीडियो
ADVERTISEMENT

Popular Stories

  • योग्य संतान की प्राप्ति के लिए गर्भाधान कब करे और कब पत्नी से दूर रहें! जानिए..

    योग्य संतान की प्राप्ति के लिए गर्भाधान कब करे और कब पत्नी से दूर रहें! जानिए..

    10967 shares
    Share
    4387
    Tweet 2742
  • क्षिति, जल, पावक, गगन, समीरा पंचतत्व …..

    7219 shares
    Share
    2888
    Tweet 1805
  • UP RTE Admission 2026-27: यूपी के प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन शुरू, आज ही करें ऑनलाइन आवेदन; जानें पूरी प्रक्रिया

    5737 shares
    Share
    2295
    Tweet 1434
  • Holi Special Train 2026: होली के लिए ट्रेनों में शुरू हुई एडवांस बुकिंग, प्रमुख रूटों पर सीटें फुल; जानें कैसे मिलेगा कंफर्म टिकट

    5698 shares
    Share
    2279
    Tweet 1425
  • Dr. Dharmendra Shastri Chandigarh: 32 वर्षों की सेवा में संस्कृत शिक्षा, स्कूल विकास और समाजसेवा में अद्वितीय योगदान | State Award Winner 2025

    5499 shares
    Share
    2200
    Tweet 1375
ADVERTISEMENT
Advertisement Advertisement Advertisement
ADVERTISEMENT
Satyam Live

Satyam Live is a National Hindi Newspaper | Magazine | Web Portal | Web Channel & News Media Organization to deliver credible and insightful journalism.

Follow Us

Browse by Category

  • ई-पेपर
  • ई-मैगज़ीन
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • एन.सी.आर
  • करियर
  • क्राइम
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी & AI
  • दिल्ली
  • धर्म
  • पंजाब
  • बिज़नेस
  • भारत
  • मध्य प्रदेश
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • विज्ञापन
  • विदेश
  • विशेष
  • वीडियो
  • समीक्षा
  • सम्पादकीय
  • सोशल
  • हरियाणा
  • हेल्थ

Recent News

सरदार पटेल जयंती पर समाज को एकजुट करने का आह्वान, डॉ. पल्लवी पटेल ने शिक्षा को बताया विकास की कुंजी

सरदार पटेल जयंती पर समाज को एकजुट करने का आह्वान, डॉ. पल्लवी पटेल ने शिक्षा को बताया विकास की कुंजी

November 1, 2026
हवन और विशाल भंडारे के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

हवन और विशाल भंडारे के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

November 1, 2026
  • Home
  • About
  • Team
  • Advertise
  • Contact
  • Disclaimer
  • Privacy Policy

© 2026 "SATYAM LIVE - Where Truth Meets Every Story" by SATYAM LIVE.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • होम
  • विदेश
  • भारत
  • राज्य
    • दिल्ली
    • एन.सी.आर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
  • विशेष
  • राजनीति
  • क्राइम
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • करियर
  • खेल
  • धर्म
  • सोशल
  • टेक्नोलॉजी
  • लाइफस्टाइल
  • वीडियो
  • E-Newspaper

© 2026 "SATYAM LIVE - Where Truth Meets Every Story" by SATYAM LIVE.

This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy.