- वित्तमंत्री जी ने शनिवार को बजट किया पेश।
- पीएफ, एनपीएस पर निवेश सीमा तय।
- बजट में नौकरीपेशा में जुडे कई महत्वपूर्ण ऐलान किया।
- टैक्स में भी बदलाव किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा
3 फरवरी, 2020 सत्यम् लाइव, नई दिल्ली भाषण के दौरान कहा कि टैक्स छूट के लिये कर्मचारी निधि, नेशनल पेंशन सिस्टम और रिटायरमेन्ट फंड में निवेश की सयुक्त सीमा 7.5 लाख रूपये तक होगी। कहा गया कि इन योजनाओं में किसी कर्मचारी का एक साल में निवेश 7.5 लाख से ज्यादा बचत होती हैै तो उस पर टैक्स लग जायेगा। यह नियम 2021-22 के लिये मान्य होगा।
इससे पहले यह निवेश पूरी तरह से टैक्स फ्री था। भविष्य की योजनाओं को लेकर आप कितना भी निवेश कर सकते थे। अभी तक यह सीमा थी कि नियोक्ता कर्मचारी के सीटीसी वेतन के 12 फीसदी के बराबर योगदान करेगा। इस बजट से काफी उम्मीदें थींं हलांकि अभी भी टैक्स स्लैब को लेकर व्यापारी में बहुत बडा भ्रम बढा हुआ है।
क्योंकि एक तरफ तो किसान के लिये विदेशी तकनीकि को दिये जाने की बात है तो दूसरी जैविक खेती पर किसान काम करता हैै तो उसे जैविक खाद्य कम पैसे में दी जायेगी जबकि भारत का किसान भारत के मौसम को जानता है और खेती के लिये खाद्य बना सकता है। यहॉ इस बात को भूलकर कम्पनी स्वयं बेचेगी।





















