केरल में अपने समय पर पहुॅॅचा मानसून, 8 जुलाई तक पूरे देश में आ जायेेेेेगा मानसून
सत्यम् लाइव 3 जून 2020, दिल्ली।। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर में हवा के दबाव से बना ये चक्रवात आज मुम्बई की धरती से टकरा सकता है। इसकी गति 95 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात के बीच में ये हरिहरेश्वर व दमन के नजदीक अलीबाग के पास टकराने की संभावना जताई गयी है। ये तूफान बडे पैमाने पर तबाही मचा सकता है। मुम्बई महानगर के कई क्षेत्रों में मंगलवार शाम से बारिशा शुरू हो गयी। महाराष्ट्र और गुजरात ने अपने आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय कर दिया है। दोनों राज्यों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं और प्रभावित होने वाले संभावित इलाकों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। बता दें कि दोनों पश्चिमी राज्य, पहले से ही कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं, जिसने उनके स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीर तनाव में डाल दिया है।
मानसून का भी आगमन हो चुका है
मानसून ने केरल में सोमवार को तय समय, यानी अपने समय पर है, 1 जून को मानसून का समय कहा जाता है, दस्तक दे दी। वहां अकधिकांश इलाकों में छूटपूट बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कहा है कि अब उम्मीद है कि मानसून देश के बाकी हिस्से में भी समय पर पहुुॅुच जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक पूरे देश में मानसून 8 जुलाई तक पहुंच जाएगा। मानसून सामान्य रहने कि संभावना 41 प्रतिशत है, जबकि इस बात की केवल 5 प्रतिशत आशांका है कि मानसून सामान्य से कम होगा। केरल तक इस बार मानसून आ पहुॅचा है और छूटपूट बारिश भी प्रारम्भ हो गयी है। विभाग के महानिदेशक ने बताया कि मानसून जून से सितंबर तक 102 प्रतिशत बारिश होगी। उत्तरी भारत में 96 फीसदी बारिश होने का अनुमान है। इसमें चार फीसदी कमी, या ज्यादा हो सकती है। क्षेत्रवार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश उत्तर पश्चिम भारत में दीर्घावधि औसत के 107 फीसदी, मध्य भारत में 103 फीसदी, दक्षिणी प्रायद्वीप में 102 फीसदी तथा पूर्वोत्तर भारत में 96 फीसदी बारिश होने की संभावना है। इसमें आठ फीसदी कम या ज्यादा हो सकती है। ये मानसून 5 जून से 10 जून के बीच मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल पहुंच होते हुए, 10 से 15 जून तक पूरे महाराष्ट्र के साथ ही ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा कुछ क्षेत्र बिहार होते हुए, 15 से 20 जून तक गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक पहुंच जायेगा जबकि 20 से 25 जून तक पूरे गुजरात में पॉव पसारता हुआ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू -कश्मीर और आगे 25 से 30 जून के बीच राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब के साथ ही 5 जुलाई तक पूरे देश में अपने पॉव पसार चुका होगा। अपने समय से पूर्व मानसून आने का कारण ये चक्रवात ही है। क्योंकि ये चक्रवात अब 8 तारीख तक उत्तर भारत पर भी अपना असर दिखा सकता है। उत्तर भारत में बारिश का कारण कौन सा चक्रवात है? अभी ज्ञात नहीं हो सका है। परन्तु उत्तर भारत में भी मौसम की भारी मार जारी है।
पत्रकार मंसूर आलम





















