मेयर की कुर्सी संभालने से पहले अनुसुइया गोस्वामी भावुक हो गईं। उन्होंने सबसे पहले मेयर टेबल को प्रणाम किया और उपस्थित विधायकों का आशीर्वाद लेकर कुर्सी ग्रहण की। पदभार संभालते ही उन्होंने आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यालय में आने के लिए किसी को भी किसी प्रकार की ‘पर्ची’ या अनुमति पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। शहर का कोई भी नागरिक या कार्यकर्ता सीधे ऑफिस आकर अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकेगा।
चुनाव परिणाम और क्रॉस वोटिंग का गणित
मेयर चुनाव में बीजेपी ने एकतरफा जीत दर्ज की:
बीजेपी (अनुसुइया गोस्वामी): 65 वोट
कांग्रेस (सुनीता सुमन): 35 वोट
कांग्रेस खेमे में बिखराव:
चुनाव में कांग्रेस पार्षदों की क्रास वोटिंग खुलकर सामने आई। नगर निगम में कांग्रेस के पास कुल 39 पार्षद थे, लेकिन उनकी उम्मीदवार सुनीता सुमन को केवल 35 वोट ही मिल सके। यानी कांग्रेस के 4 पार्षदों ने क्रास वोटिंग की।
दूसरी ओर, 57 पार्षदों वाली बीजेपी की रणनीति पूरी तरह सफल रही। 4 निर्दलीय पार्षदों में से 2 पहले ही बीजेपी को अपना समर्थन दे चुके थे। अंतिम परिणाम में बीजेपी को अपने तय आंकड़ों से अधिक वोट मिले और उन्होंने मेयर पद पर कब्ज़ा जमा लिया।





















