लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लिए यह गौरवपूर्ण अवसर है कि कर्तव्य पथ, नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड 2026 में प्रदेश की 14 ‘लखपति दीदियों’ को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस पर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे ‘नारी शक्ति’ के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
प्रधानमंत्री के विजन से सशक्त हुईं ग्रामीण महिलाएं
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज गांवों की बेटियां और बहुएं ‘ड्रोन दीदी’ और ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान उत्तर प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
23 जनवरी को लखनऊ से दिल्ली के लिए होंगी रवाना
श्री मौर्य ने बताया कि चयनित 14 लखपति दीदियों को 23 जनवरी को लखनऊ स्थित उप मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग से हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा। ये सभी दीदियां कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगी।
प्रशासन को समन्वय और व्यवस्थाओं के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित जिलों की चयनित दीदियों के साथ समन्वय स्थापित कर यात्रा, ठहराव और वापसी की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं।
किन जिलों से हैं चयनित 14 लखपति दीदियां
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) की निदेशक श्रीमती दीप रंजन के अनुसार चयनित दीदियों में—
- गोरखपुर: मन्शा देवी (ई-रिक्शा उद्यम), राजकुमारी देवी (पशुपालन)
- झांसी: प्रवेश कुमारी (पशु आहार उत्पादन)
- बिजनौर: रितु देवी (विदुर कैफे), सुमन देवी (प्रेरणा कैफे)
- कौशाम्बी: सरिता देवी (ई-रिक्शा आधारित उद्यम)
- अलीगढ़: ऋतु शर्मा (मसाला निर्माण)
- चित्रकूट: निर्मला देवी (दुग्ध व्यवसाय)
- इटावा: मन्त्रवती शाक्य (उन्नत कृषि), विजेता गोयल (ब्यूटी पार्लर व जन सुविधा केंद्र)
- सम्भल: अनुपमा सिंह (गो-आधारित उत्पाद), मोनिका (सौंदर्य प्रसाधन)
- रायबरेली: गुड़िया देवी (दुग्ध व्यवसाय)
- देवरिया: आशा (प्रेरणा कैंटीन)
UPSRLM से बदली महिलाओं की तस्वीर
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने कृषि, डेयरी, लघु उद्योग और सेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज आर्थिक रूप से सशक्त बनकर समाज में नई पहचान बना रही हैं।





















