सत्यम् लाइव 24 जून 2021, दिल्ली।। 24 जून 2021 पूर्णिमा की तिथि को ज्येष्ठ मास का समापन होने जा रहा है पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास का आरंभ 25 जून 2021 से हो रहा है जबकि 24 जुलाई 2021 को आषाढ़ मास का समाप्त होगा। इस मास में जल और सूर्य देव की उपासना की जाती है। शास्त्रों के अनुसार आषाढ़ मास में भगवान विष्णु अर्थात् पालनहार की पूजा करने से पुण्य प्राप्त होता है। अब जल को गर्म करके ही पियें।
वैदिक गणित के अनुसार इस मास में सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए, आषाढ़ के मास में स्वच्छ जल अर्थात् गर्म करके ही जल ग्रहण करना चाहिए, आषाढ़ मास में वर्षा ऋतु का आरंभ होती है, आषाढ मास मे वर्षा प्रारम्भ होती है जिसके कारण पानी में कीटाणु आ जाना स्वाभाविक है और जल का कीटाणु को समाप्त करने के लिये गर्म करके ही जल को रख लें और उसे ही पियें। इस ऋतु की सबसे बडी विशेषता यही है कि अब आपके आत्रांतिक ज्वर उत्पन्न होगा और इसी कारण से आपके शरीर में, पित्त भडकेगा और स्थितियाॅ यहाॅ तक जा सकती है कि डायरिया की शिकायत हो जाये परन्तु स्वयं को स्वस्थ रखने के लिये पानी को गर्म करके ही पियें। यदि फिर भी आपको लगता है कि पेट की समस्या बढ रही है तो सबसे पहले पानी में थोडा सा काला नमक मिलाकर घूॅट-घूॅट करके पियें यदि डायरिया आ भी रहा होगा तो समाप्त हो जायेगा। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा आयोजित की जाती है.
सुनील शुक्ल





















