तबाही इतनी भयानक थी कि अभी भी बिजली और पानी की समस्या बनी हुई है। एक तरफ ऑनलाइन पर जोर दूसरी तरफ प्रकृति ने किया विकास। क्या पैदा होगी नयी बीमारी
सत्यम् लाइव 26 मई 2020, दिल्ली।। ओडिशा और पश्चिम बंगाल मेें पिछले एक सप्ताह पहले आये साइक्लोन अम्फान का असर भी ही अब धीरे धीरेे समाप्त होने लगा हाे परन्तु अधिकांश भाग में गर्मी बता रही है कि आपदा बहुत बडी थी साथ ही सहित पश्चिम बगाल के बहुत बडे क्षेत्र में सेना युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है परन्तु तबाही इतनी भयानक थी कि अभी भी बिजली और पानी की समस्या बनी हुई है। बहुत बडे क्षेत्र में, आज तक बिजली की समस्या से उबरा नहीं गया है। बिजली और पानी की पूर्ति तो सरकार नहीं कर पायी परन्तु जब संघर्ष करी जनता ने सडक पर उतर कर प्रदर्शन किया तो पुलिस ने लाठी अवश्य चलाई है। सरकार ने जनता को हमेशा की तरह गलत बताते हुए कहा कि 95 प्रतिशत क्षेत्रों में पानी और बिजली की व्यवस्था की जाा चुकी है। पिछले सप्ताह आये इस तुफान में 86 लोगों की मौत बताई जा रही है। सरकार की तरफ से चक्रवात से पहले ही पूरा देश नोवेल कोरोना केे चक्कर में लॉकडाउन किया गया था और लोगों को घर पर ही रहना था इस कानून के पालन न करने पर सजा का प्रावधान है और घर के अन्दर पानी और बिजली की पूर्ति नहीं हो रही है बिजली के कारण ऑनलाइन कार्यक्रम अब रूक सा गया है। तो फिर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भला कैसे होगा ? दूसरा इस प्राकृतिक भीषण आपदा से बडा कोई भी वायरस नहीं मारता है क्योंकि इस समय आदमी एक अन्जाने भय से गुजर रहा होता है। ये सारी बातेंं को सोचते हुए सरकार को अपना निर्णय लेना होगा। चक्रवात का संकट ऐसा बडा संकट था कि अब नयी बीमारी अवश्य पैदा हो जायेगीं यदि भारत की प्रकृति के नियम का पालन न किया गया। ओडिशा और पश्चिम बंगाल में आए चक्रवात अम्फान के कारण बंगाल में भारी तबाही हुई है इस पर गृह मंत्रालय की टीम को राज्य का दौरा करनेे का आदेश किया गया है। ये टीम गृह मंत्रालय वहॉ हुए नुकसान का आकलन करेगी।
उपसम्पादक सुनील शुक्ल





















