सत्यम् लाइव, 31 अगस्त 2021, दिल्ली।। मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए राज्य सभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने मानसिक दिवालियापन तक कह डाला। वैसे तो अगर साधारणतया समझें तो निजिकरण का मुद्दा आज का नहीं है और 2014 में कांग्रेस के पतन का कारण भी ये नीजिकरण ही था परन्तु उसी राह पर जब सरकार चल पड़े जिस राह से जनता ने उभकर सरकार बदल दी थी तो क्या कहा जा सकता है?
4 सालों में 6 लाख करोड रुपए जुटाने हैं जिसके चलते कुल 13 तरह की सरकारी संपत्तियों की हिस्सेदारी को बेचा जाएगा या फिर लीज पर दिया जाएगा। इसमें हाईवे, रेलवे, पावर ट्रांसमिशन, टेलीकॉम, वेयरहाउसिंग, नेचुरल गैस पाइपलाइन शामिल हैं।
ऐसे में राज्य सभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि सार्वजनिक उद्यमों को बेचने के लिए जब अर्थव्यवस्था में गहरी गिरावट मानसिक दिवालियापन और हताशा का संकेत है। यह एक स्वस्थ वैचारिक अनिवार्यता नहीं हो सकती। मोदी सरकार इस बात से इनकार नहीं कर सकती कि सीएसओ के आंकड़े बताते हैं कि 2016 के बाद से सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर तिमाही दर साल गिरती रही।
सुनील शुक्ल





















