सत्यम् लाइव, 11 मई 2020 दिल्ली।। लॉकडाउन समाप्त हो जाने के बाद भी आज का डर सहमा आदमी जो घर सेे नहीं निकल रहा है और साथ ही अभी भी लगातार बढते हुए दिल्ली में कोरोना केे मरीज के कारण घर से बाहर वही निकल रहा है जिसके पास अब घर में खाने को समाप्त होने लगा है या फिर दूसरे शब्दों में कहें कि जो प्रतिदिन कमाने खाने वाला था वही परेशन होकर रोटी कमाने निकला है परन्तु पूरी बाजार इतनी शान्त और सूनी पडी है कि जिससे भी पूछो वो ही यही कह रहा है कि क्या होने जा रहा है पता नहीं परन्तु एक तरफ महामारी तो दूसरी तरफ से प्राकृतिक आपदा के कारण पूरा पूरा दिन हो जाता है अन्त मेें कुछ भी हाथ नहीं लगता है और वैसे ही बैठेे बैठे दुकान पर पूरा जो समय कट जाता है उससे समय खराब हो रहा है। कमाई एक पैसे की नहीं हो रही है दूसरी तरफ सवारी गाडी लेकर चलने वालो की भी यही समस्या है उनका कहना है कि जब सवारी घर से बाहर निकलेगी ही नहीं तो फिर भला कैसे हमारे पास सवारी आयेगी? और कहॉ से पैसा आयेगा? ऑटो वालों का कहना है कि इतना पैसा नहीं आ रहा है कि शाम को सब्जी लेकर जा सकें तो फिर अभी जब मैट्रो चालू हो जायेगी या फिर पूरी सब सेवा प्रारम्भ हो जायेगी तब क्या होगा ? सवारी गाडी वाले कहते है कि अब जीवन बडा कठिन सा लगता है। क्या करें? कुछ समझ में नहीं आता है।
उपसम्पादक सुनील शुक्ल





















