अब शाहदरा के अपराध को नियंत्रित करेगी ‘डीपी दृष्टि’
अपराध नियंत्रण के लिए हाईटैक वाहन एफआरएस का शुभारंभ किया।
योगेश कुमार सोनी (पूर्वी दिल्ली):
शहरी पुलिसिंग और जन-सुरक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला शाहदरा पुलिस ने थाना गांधी नगर क्षेत्र स्थित गांधी नगर मार्केट में हाई-टेक सर्विलांस वाहन का शुभारंभ किया। यह अत्याधुनिक फेसियल रिकग्निशन सिस्टम से लैस वाहन जिला शाहदरा के डीसीपी द्वारा लॉन्च किया गया जो तकनीक आधारित अपराध-निवारण के एक नए युग की शुरुआत है।इस पहल को जिला शाहदरा की समर्पित तकनीकी निगरानी टीम द्वारा क्रियान्वित किया गया है, जिसमें एएसआई दीपक कुमार, एचसी गगन दीप, एचसी जितेंद्र और एचसी अभय शामिल हैं। इन अधिकारियों ने परियोजना को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डीपी-दृष्टि एक मोबाइल वाहन है, जो उन्नत फेसियल रिकग्निशन सिस्टम से सुसज्जित है। वाहन में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में चेहरों को स्कैन कर उन्हें आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों के पुलिस डेटाबेस से मिलान करते हैं। यह केवल एक निगरानी वाहन नहीं, बल्कि एक मोबाइल इंटेलिजेंस हब है, जो भीड़ में छिपकर अपराध करने वालों की गुमनामी को समाप्त करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके उन्नत कैमरे प्रति मिनट बड़ी संख्या में चेहरों को स्कैन करने में सक्षम हैं।जैसे ही यह वाहन व्यस्त बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से गुजरता है, सिस्टम रियल-टाइम में चेहरों का मिलान करता है। संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान होते ही उनकी तस्वीर स्वतः कैप्चर होकर पुलिस रिकॉर्ड से मिलीसेकंड में मिलान हो जाती है। मैच मिलने पर तुरंत पुलिस टीम को अलर्ट मिलता है, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव होती है। यह पहल ‘तत्काल पहचान और रोकथाम’ मॉडल पर कार्य करती है, जिससे अपराध होने से पहले ही उसे रोका जा सके।
“डीपी-दृष्टि” प्रणाली विशेष रूप से अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे गांधी नगर, कृष्णा नगर, शाहदरा और मंडोली रोड के बाजारों के लिए डिज़ाइन की गई है। यह तकनीक घनी और गतिशील भीड़ में भी व्यक्तिगत चेहरों की सटीक पहचान कर सकती है, जिससे कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नजरों से ओझल न हो।डीपी-दृष्टि के माध्यम से आधुनिक तकनीक को सीधे सड़कों पर लाया गया है। अब अपराधी भीड़ में छिप नहीं सकेंगे। यदि कोई ज्ञात अपराधी बाजार क्षेत्र में मौजूद होगा, तो पुलिस टीम को तुरंत इसकी जानकारी मिल जाएगी। इस मोबाइल यूनिट की तैनाती से शाहदरा जिला पुलिस वाणिज्यिक क्षेत्रों में ‘जीरो-ब्लाइंड-स्पॉट’ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में अग्रसर है।रियल-टाइम फेस डिटेक्शन और मिलानकिसी भी अपराध-प्रवण क्षेत्र में तैनात करने योग्य मोबाइल वाहन।जांच एवं साक्ष्य हेतु उच्च-गुणवत्ता वाली छवियां।उन्नत डायनेमिक ह्यूमन ट्रैकिंग।सामरिक आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न अपराध-हॉटस्पॉट पर त्वरित तैनाती।कानूनी दस्तावेजीकरण एवं फोरेंसिक पहचान हेतु स्वचालित इमेज कैप्चरिंग।दिल्ली पुलिस नवीनतम तकनीकी प्रगति का उपयोग कर प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पुलिस समय-समय पर अपडेट व अपग्रेड होती रहती है। हम हर तकनीकी तंत्रों का प्रयोग करके जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इस वाहन से हम अपराध पर निश्चित तौर पर नियंत्रण पाएंगे। शाहदरा जिला में हम फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम का प्रयोग करते है जिससे हमने काफी मुकदमे सुलझाए है और अब इस सिस्टम को गाड़ी में लगाया गया है ताकि विभिन्न भीड़ भाड़ वाली जगहों पर निगरानी की जा सके।
प्रशांत गौतम
डीसीपी(शाहदरा)
एफआरएस सिस्टम युक्त ‘डीपी-दृष्टि‘ विशेष रूप से अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे गांधी नगर, कृष्णा नगर, शाहदरा और मंडोली रोड के बाजारों के लिए डिज़ाइन की गई है। यह तकनीक घनी और गतिशील भीड़ में भी व्यक्तिगत चेहरों की सटीक पहचान कर सकती है, जिससे कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नजरों से ओझल न हो।डीपी-दृष्टि के माध्यम से आधुनिक तकनीक को सीधे सड़कों पर लाया गया है। अब अपराधी भीड़ में छिप नहीं सकेंगे।
दीपक कुमार
एएसआई
सर्विलांस हेड(शाहदरा जिला)





















