सत्यम् लाइव, 12 दिसम्बर 2021, उप्र।। केंद्रीय शिक्षा कौशल एवं उद्यमिता विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने गोरखपुर को स्पेशल एजुकेशन जोन बनाने की घोषणा की। गोरखपुर में तीन क्रियाशील और एक निर्माणाधीन विश्वविद्यालय के रूप में ज्ञान नगरी का नाम गोरखपुर को दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि जैसे ‘स्पेशल इकोनामिक जोन’ की बात जा रही है उसे तरह से ‘स्पेशल एजुकेशन जोन’ के रूप में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की आवश्यकता के अनुरूप ग्लोबल सिटीजन यानी वैश्विक नागरिक तेजी से तैयार हो सकेंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने शुक्रवार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 89वें संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि ‘स्पेशल एजुकेशन जोन’ में सम्पूर्ण विश्व की समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं व इसके विद्यार्थी महत्वपूर्ण भूमिका भविष्य में निभायेगें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लाई गयी ‘नई शिक्षा नीति’ अब सम्पूर्ण परिवर्तन के लिये तैयार है।
नई शिक्षा नीति का उद्देश्य भारत को विश्व में प्रथम नम्बर पर लाना होगा। ‘नई शिक्षा नीति’ के अनुसार भावी पीढी को वैश्विक नागरिक बनाना होगा। यहां बाबा गंभीरनाथ पीठ की स्थापना तो हो ही रही है। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय और इसके पहले से शुरू दो विश्वविद्यालय स्पेशल एजुकेशन जोन से जुड़कर इस आध्यात्मिक नगरी के नाम पर गोरखपुर को जाना जायेगा।
सुनील शुक्ल






















