भक्त प्रह्लाद व सती चरित्र की कथा से गूंजा प्राचीन शिव शक्ति दुर्गा मंदिर, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर
संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन विदुर-मैत्रेय संवाद, कपिल अवतार और ध्रुव चरित्र का हुआ भावपूर्ण वर्णन — भक्ति ही सच्चे सुख का मार्ग : कथा व्यास श्री कृष्ण पवन शास्त्री
खोड़ा (गाजियाबाद)। वार्ड नं. 23, हिमालय एंक्लेव स्थित प्राचीन शिव शक्ति दुर्गा मंदिर के पावन प्रांगण में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भक्त प्रह्लाद एवं सती चरित्र की मार्मिक कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
प्राचीन शिव शक्ति दुर्गा मंदिर सेवा समिति ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी पंडित संतोष मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि गोवर्धन धाम से पधारे कथा व्यास श्री कृष्ण पवन शास्त्री जी ने अपने श्रीमुख से विदुर-मैत्रेय संवाद, कपिल भगवान के अवतार, भक्त प्रह्लाद, सती चरित्र तथा ध्रुव जी के तप और भक्ति का अत्यंत भावपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक वर्णन किया।
कथा के दौरान विदुर और मैत्रेय मुनि के संवाद के माध्यम से जीव के सुख-दुःख के रहस्य को स्पष्ट किया गया। देवहूति और कर्दम ऋषि के प्रसंग में भगवान कपिल के अवतार का वर्णन करते हुए सांख्य योग के दिव्य ज्ञान का महत्व बताया गया।
कथा व्यास ने भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा सुनाते हुए बताया कि सच्चे भक्त के हृदय में भगवान के प्रति अटूट विश्वास और समर्पण ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति होती है। सती चरित्र का वर्णन करते हुए भगवान शिव और माता सती के दिव्य प्रसंग को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे।
ध्रुव जी की कठोर तपस्या का वर्णन करते हुए यह संदेश दिया गया कि सच्ची भक्ति के मार्ग में आयु, परिस्थिति या संसाधन कोई बाधा नहीं बनते। कथा में सृष्टि विस्तार के प्रसंग में मनु और शतरूपा की कथा का भी विस्तार से वर्णन किया गया।
कथा व्यास ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को यह सिखाती है कि सांसारिक भौतिक सुख क्षणिक हैं, जबकि परमात्मा की भक्ति में ही सच्चा आनंद, शांति और जीवन का वास्तविक उद्देश्य निहित है।
कथा का रसपान कर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए। इस अवसर पर कथा के मुख्य यजमान श्रीमती मीरा गुप्ता, नितिन गुप्ता सहित श्रीमती राखी गुप्ता, विनोद तिवारी, विनोद कुमार नागर, डी.पी. उपाध्याय, शेष नारायण मिश्रा, हरिश्चंद्र शर्मा, परमात्मा यादव, सूरज सिंह कुशवाह, पंडित संतोष मिश्रा, हृदयराम मिश्रा, पिंटू पांडेय, अरविंद सिंह, कृष्ण स्वरूप वर्मा, जंगवीर सिंह, अंकित गुप्ता, अनुज गुप्ता, अनमोल गुप्ता, शिव राम, समरपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।





















