सत्यम् लाइव, 19 जुलाई 2021, दिल्ली।। कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी सरकार के वकील वैद्यनाथन ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि सभी कांवड़ संघ यात्रा स्थगित करने के लिए तैयार हैं, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा नहीं होगी। कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने बैठक बुलाईण् सभी कांवड़ संघ यात्रा स्थगित करने को तैयार हैं, इसलिए इस साल यात्रा नहीं होगी।
उत्तर प्रदेश में इस साल कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है। अपर मुख्य सचिव; सूचना, नवनीत सहगल ने जानकारी देते हुए कहा कि 25 जुलाई से प्रारम्भ होने वाली इस कांवड़ यात्रा के लिये राज्य सरकार की अपील के बाद, कांवड़ संघों ने यात्रा रद्द करने का निर्णय ले लिया गया है।
यात्री श्रद्धालु बांस की लकड़ी पर दोनों ओर टिकी हुई टोकरियों के साथ पवित्र स्थान पर जाते हैं और इन्हीं टोकरियों में गंगाजल लेकर लौटते हैं। इस यात्रा को कांवड़ यात्रा और यात्रियों को कांवड़िया कहा जाता है।
कथा है कि भगवान शिव के परम भक्त भगवान परशुराम सबसे पहले कांवड़ लेकर बागपत जिले के पास ‘पुरा महादेव’ गए थे उन्होंने गढ़मुक्तेश्वर से गंगा का जल लेकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया था। उस श्रावण मास से ये परम्परा चली आ रही है इस परम्परा को कितने वर्ष बीत गये कहा नहीं जा सकता है परन्तु आज भी इस परंपरा को भारतीय भक्तों ने जीवित रखा हुआ है।
सुनील शुक्ल





















