जम्मू-कश्मीर में मौसम ने अचानक करवट ली है। पहलगाम में मंगलवार को बादल फटने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया, जबकि जम्मू संभाग के पुंछ और राजौरी में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। राजौरी में खांडली नदी के तेज बहाव में फंसे 6 लोगों को SDRF की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला।
घाटी में अचानक हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटना के बाद पहलगाम के कई निचले इलाकों में हालात बिगड़ गए। पानी कई मकानों, दुकानों और होटलों में घुस गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन और राहत एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
राजौरी में खांडली नदी के तेज बहाव में फंसे 6 लोगों का रेस्क्यू
राजौरी जिले में भारी बारिश के बाद खांडली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के बीच 6 लोग फंस गए, जिसकी सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची।
रेस्क्यू टीम ने तेजी से अभियान चलाकर सभी छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाए गए लोगों में विक्रम सिंह (17), सतवीर सिंह, भोली देवी (45), अरमान शाह (11), जारा (5) और जोया (7) शामिल हैं।
समय रहते SDRF की टीम के पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया।
माता वैष्णो देवी की हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित
खराब मौसम और आसमान में घने बादलों के कारण कटड़ा से सांझीछत के बीच माता वैष्णो देवी हेलीकॉप्टर सेवा भी प्रभावित रही। मौसम की स्थिति को देखते हुए सेवा को दिनभर बाधित रखा गया।
प्रशासन ने लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों के पास जाने से बचें और मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा न करें।
वहीं, कठुआ में लगातार बारिश के कारण बनी-बसोहली मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ है।
कटड़ा में 62 मिमी बारिश, जम्मू में 32.8 डिग्री तापमान
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान कटड़ा में 62.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
वहीं जम्मू में 32.8 डिग्री, श्रीनगर में 29.5 डिग्री, पहलगाम में 22.7 डिग्री, बनिहाल में 28.2 डिग्री और गुलमर्ग में 19.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। फिलहाल किसी बड़े मौसम परिवर्तन का अनुमान नहीं है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर नदी, नाले और अन्य जलस्रोतों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
फिलहाल राहत और बचाव एजेंसियां संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।


























