नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है। हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 1127 पहुंच गई है, जबकि 4000 से अधिक लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इस मुश्किल घड़ी में भारत ने नेपाल के लिए अपनी सहायता और तेज कर दी है।
भारत की ओर से नेपाल को राहत सामग्री और बचाव दल भेजे जा रहे हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि भारत की 5वीं राहत उड़ान नेपाल पहुंची है। इस विमान में 11 सदस्यों वाली विशेष रेस्क्यू टीम, आधुनिक बचाव उपकरण और करीब 5.5 टन जरूरी जीवनरक्षक दवाएं भेजी गई हैं।
राहत और बचाव अभियान पर सरकार का पूरा फोकस
नेपाल सरकार ने लापता लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों में फंसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नेपाल विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री के मुताबिक, राहत एवं बचाव एजेंसियां लगातार जोखिम वाले इलाकों में अभियान चला रही हैं।
सरकार की ओर से प्रभावित नेपाली नागरिकों के साथ-साथ विदेशी नागरिकों तक भी आवश्यक सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। खराब परिस्थितियों और दुर्गम इलाकों के कारण रेस्क्यू टीमों के सामने कई चुनौतियां बनी हुई हैं।
सुरंगों और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन
आपदा के बाद कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण अभियानों के लिए भारत और चीन की विशेषज्ञ टनल रेस्क्यू टीमें भी नेपाल पहुंची हैं। विशेषज्ञ दल नेपाली सेना के साथ मिलकर जलविद्युत परियोजनाओं और भूमिगत सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश और सुरक्षित निकासी के लिए काम कर रहे हैं।
इन अभियानों में अत्याधुनिक उपकरणों और विशेष तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया जा रहा है। बेहद जोखिम वाले क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन को सुरक्षित तरीके से अंजाम देना टीमों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
अज्ञात शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल सुरक्षित
आपदा में जान गंवाने वाले लोगों में से अब तक 95 शवों की पहचान की जा चुकी है और उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, जिन शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है, उनके डीएनए सैंपल और अन्य जरूरी कानूनी साक्ष्य सुरक्षित रखे जा रहे हैं।
नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह के अनुसार, सेना और पुलिस की मदद से अज्ञात शवों का वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत प्रबंधन किया जा रहा है। डीएनए और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे चलकर मृतकों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा।
मुश्किल वक्त में युवाओं ने संभाला मोर्चा
आपदा के बीच स्थानीय युवाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण बनकर सामने आई है। कई युवा राहत एवं बचाव अभियानों में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की मदद कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने, फंसे नागरिकों की सहायता करने और राहत कार्यों में सहयोग देने के लिए युवा आगे आ रहे हैं।
नेपाल में राहत अभियान अभी भी जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित नागरिकों तक जल्द से जल्द जरूरी सहायता पहुंचाना है।


























