कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बालाघाट दौरे से पहले मध्यप्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राहुल गांधी के दौरे को लेकर सवाल उठाए हैं। मंत्री विश्वास सारंग ने इसे ‘पॉलिटिकल टूरिज्म’ बताते हुए राहुल गांधी से अपने बयानों में गंभीरता और परिपक्वता बरतने की बात कही।
राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बालाघाट के जागला गांव पहुंचकर हाल में जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिजनों से मुलाकात करने वाले हैं। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
BJP ने लगाए राजनीतिक लाभ लेने के आरोप
विश्वास सारंग ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां संवैधानिक संस्थाओं और व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि संवेदनशील घटनाओं को राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। सारंग ने राहुल गांधी पर ‘लाशों पर राजनीति’ करने का आरोप भी लगाया है।
भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी को अपने बयानों और सार्वजनिक व्यवहार में जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।
इंदौर के बयान का भी किया जिक्र
भाजपा की ओर से राहुल गांधी के इंदौर में दिए गए एक कथित बयान का भी उल्लेख किया गया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके बयान में ‘मां जैसे पवित्र रिश्ते’ का मजाक उड़ाया गया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी के देश और विदेश में दिए गए बयानों से भारत की छवि प्रभावित होती है। ये सभी आरोप भाजपा नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
बालाघाट में पीड़ित परिवारों से मिलेंगे राहुल
राहुल गांधी का बालाघाट दौरा आदिवासी बहुल क्षेत्र में बच्चों की मौत के मामले से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, वे प्रभावित गांवों में जाकर मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। इस घटना को लेकर कांग्रेस राज्य सरकार से जवाब मांग रही है, जबकि भाजपा सरकार की ओर से राहुल गांधी के दौरे के उद्देश्य और समय को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।




















