सत्यम् लाइव, 20 फरवरी 2021, दिल्ली।। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को कोरोना महामारी के दौरान नई तकनीकी के इस्तेमाल से उच्च शिक्षा में बेहतरीन योगदान देने वाले प्रोफेसरों को सम्मानित करते हुए कहा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था में मूल्यांकन के तरीके में बदलाव की जरूरत है। तीन घंटे में बच्चों का परीक्षा की नहीं बल्कि लगातार मूल्यांकन की आवश्यक होगा। दिल्ली शिक्षा बोर्ड इसी आधार पर काम करेगा।
उपमुख्यमंत्री कहा की भारत में अब विश्वविद्यालयों को देश की दशा और दिशा तय करने की जरूरत है। हमारे यहां शैक्षणिक संस्थानों में शोध में ज्यादा समय समय नहीं दिया जाता है जबकि शोध के लिए समय के साथ ही धन की जरूरत होती है इस बात को ध्यान में रखते हुए हमें अपने वर्तमान नजरिए को बदलने की जरूरत है हमारे नेतृत्व को अपना नजिरए बदलाने के साथ ही शोध के लिए संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। उन्हें समय देना होगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को ये हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि जो ज्ञान मिले वो ज्ञान बोझ न बन जाएगा। अत: उससे अपना कद बढ़ाइए। हर रोज नई तकनीक सीखिए, कुछ नया सीखियें। मिले ज्ञान और अनुभवों से आगे बढ़कर कुछ करने की हिम्मत करने वाले युवा आज नौकरी मांगने का नहीं, देने का काम कर रहें हैं।
सुनील शुक्ल





















