दुर्ग: जिले में बढ़ते नशे के खतरे को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने एक कदम उठाया है. पुलिस ने सेक्टर-6 स्थित पुलिस ग्राउंड में एक जागरूकता कार्यक्रम कर आम लोगों को ड्रग्स के दुष्प्रभाव और उससे जुड़ी जानकारी दी. इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान जिले के एसएसपी विजय अग्रवाल ने 500 ऑटो रिक्शा में 1933 हेल्पलाइन नंबर के पोस्टर लगवाकर इस अभियान की शुरुआत की. इसका उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग इस हेल्पलाइन के बारे में जान सकें और जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग कर सकें.
ऑटो चालकों को दिए गए विशेष निर्देश
SSP विजय अग्रवाल ने ऑटो चालकों को निर्देश दिए कि वे ऑटो चलाते समय निर्धारित ड्रेस पहनें, जिससे उनकी पहचान स्पष्ट रहे और व्यवस्था बेहतर बनी रहे. उन्होंने कहा कि ऑटो चालक आम जनता के सीधे संपर्क में रहते हैं, इसलिए वे इस अभियान का अहम हिस्सा बन सकते हैं.
1933 एक महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर है, जिसके जरिए कोई भी व्यक्ति ड्रग्स से संबंधित जानकारी साझा कर सकता है. अगर कोई व्यक्ति नशे का शिकार है, ड्रग्स बेच रहा है या इस अवैध कारोबार से जुड़ी कोई भी सूचना है, तो तुरंत इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है.- एसएसपी विजय अग्रवाल
जल्द होगा अभियान का विस्तार
SSP ने बताया कि यह हेल्पलाइन केंद्र सरकार के मानस ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ी हुई है और इस पर मिलने वाली हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाती है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल 500 ऑटो रिक्शा में स्टिकर लगाकर अभियान की शुरुआत की गई है, लेकिन आने वाले समय में इसे जिले के हॉस्टलों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों तक विस्तारित किया जाएगा.
इस जागरूकता कार्यक्रम में एसएसपी विजय अग्रवाल के साथ सिटी एसपी सुखनंदन राठौर सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने ऑटो रिक्शा चालकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करें.






















