आगरा। शनि जयंती के पावन अवसर पर जनपद आगरा सहित विभिन्न क्षेत्रों के मंदिरों में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और पूरे दिन शनिदेव की पूजा-अर्चना, स्तुति एवं धार्मिक अनुष्ठान निरंतर चलते रहे। विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस वर्ष शनि जयंती का महत्व और अधिक विशेष माना गया, क्योंकि शनि जयंती, शनि अमावस्या एवं शनिवार का दुर्लभ संयोग एक साथ बना। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस संयोग को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है, जिसके चलते श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
इसी क्रम में आगरा के प्राचीन कैलाश मंदिर स्थित शनिदेव मंदिर में भी सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना शुरू हो गया, जो देर रात तक निरंतर जारी रहा। मंदिर परिसर में आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की और धार्मिक वातावरण भक्तिमय बना रहा।
सत्यम् लाइव न्यूज़ के आगरा संवाददाता द्वारा मंदिर के महंत श्री दिलीप गोस्वामी एवं महंत भीम गिरी से विशेष बातचीत की गई। इस दौरान महंतों ने बताया कि ब्रह्ममुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और शनिदेव के दर्शन कर विशाल भंडारे में शामिल हुए।
महंतों ने जानकारी दी कि यह सेवा एवं भंडारे की परंपरा पिछले 15 वर्षों से निरंतर जारी है। प्रत्येक वर्ष शनि जयंती के अवसर पर हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर दर्शन और प्रसाद का लाभ प्राप्त करते हैं। इस आयोजन की शुरुआत लगभग 15 वर्ष पूर्व स्वर्गीय महंत प्रमोद गिरी जी द्वारा की गई थी, जिसे वर्तमान में उनके सुपुत्र महंत भीम गिरी तथा युवराज गोस्वामी द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस वर्ष आयोजित विशाल भंडारा एवं प्रसादी वितरण कार्यक्रम में प्रेमपाल सिंह बघेल (नानू) तथा श्री विनोद त्यागी का विशेष योगदान रहा। धार्मिक आस्था और सेवा भाव से संपन्न यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
(शरद शर्मा, आगरा | सत्यम् लाइव संवाददाता)





















