शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए MBD ग्रुप ने अपने संस्थापक स्वर्गीय अशोक कुमार मल्होत्रा की 81वीं जयंती के अवसर पर दो महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की। ग्रुप ने अपने सोशल इम्पैक्ट अभियान ‘अशोक कार्य’ के तहत राष्ट्रीय कॉन्क्लेव ‘अशोक संवाद’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही सरकारी और बजट स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए AASOKA साइंस किट वितरण अभियान की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देना और छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना है।

नई दिल्ली स्थित MBD हाउस में आयोजित पहले ‘अशोक संवाद’ में दिल्ली-एनसीआर सहित देशभर के 100 से अधिक स्कूल प्रमुखों, शिक्षाविदों, उद्यमियों, नवप्रवर्तकों, कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, नेतृत्व, नवाचार, सामाजिक परिवर्तन, सतत विकास, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने बदलते दौर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सहयोग आधारित विकास मॉडल की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान AASOKA साइंस किट वितरण कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया गया। पहले चरण में देशभर के 400 स्कूलों के लगभग 25 हजार कक्षा छह के विद्यार्थियों को करीब 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की साइंस किट उपलब्ध कराई जाएगी। MBD ग्रुप ने बताया कि भविष्य में इस अभियान का विस्तार करते हुए इसे 800 स्कूलों तक पहुंचाने की योजना है।

इन साइंस किटों में प्रयोग सामग्री, प्रिंटेड लर्निंग रिसोर्स और डिजिटल सपोर्ट वीडियो शामिल हैं, जिससे विद्यार्थी विज्ञान के सिद्धांतों को केवल पढ़ेंगे ही नहीं, बल्कि प्रयोगों के माध्यम से उन्हें बेहतर ढंग से समझ भी सकेंगे। साथ ही शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि कक्षाओं को अधिक गतिविधि आधारित और प्रभावी बनाया जा सके।
इस अवसर पर MBD ग्रुप की चेयरपर्सन सतीश बाला मल्होत्रा ने कहा कि संस्थापक अशोक कुमार मल्होत्रा का विश्वास था कि वास्तविक सफलता इस बात से तय होती है कि हमने दूसरों के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि ‘अशोक कार्य’ और ‘अशोक संवाद’ जैसी पहलें इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास हैं।

मैनेजिंग डायरेक्टर मोनिका मल्होत्रा कंधारी ने कहा कि भारत ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां आर्थिक विकास के साथ शिक्षा, नवाचार, रोजगार क्षमता और सामाजिक उत्थान को भी समान महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘अशोक संवाद’ ऐसा मंच बनेगा, जहां विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक साथ आकर समाज की चुनौतियों के समाधान पर विचार करेंगे। वहीं AASOKA साइंस किट पहल का उद्देश्य अनुभवात्मक शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच एवं जिज्ञासा को बढ़ावा देना है।
ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर सोनिका मल्होत्रा कंधारी ने कहा कि संस्थापक की विरासत का सम्मान केवल उनके मूल्यों को याद रखने से नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहार में उतारने से होता है। शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और समुदायों को सशक्त बनाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और समावेशी भविष्य तैयार किया जा सके।
MBD ग्रुप के अनुसार, ‘अशोक कार्य’ अभियान शिक्षा, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य, पशु कल्याण और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव पैदा करने की दिशा में कार्य करेगा। वहीं ‘अशोक संवाद’ को एक स्थायी राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ समाज और शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा और समाधान की दिशा में मिलकर काम करेंगे।




















