• About
  • Team
  • Contact
  • E-Paper
  • Advertisement
Friday, October 16, 2026
Satyam Live
Advertisement
  • होम
  • विदेश
  • भारत
  • राज्य
    • दिल्ली
    • एन.सी.आर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
  • विशेष
  • राजनीति
  • क्राइम
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • करियर
  • खेल
  • धर्म
  • सोशल
  • टेक्नोलॉजी
  • लाइफस्टाइल
  • वीडियो
No Result
View All Result
  • होम
  • विदेश
  • भारत
  • राज्य
    • दिल्ली
    • एन.सी.आर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
  • विशेष
  • राजनीति
  • क्राइम
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • करियर
  • खेल
  • धर्म
  • सोशल
  • टेक्नोलॉजी
  • लाइफस्टाइल
  • वीडियो
No Result
View All Result
Satyam Live
Home
उत्तराखंड

उपचुनाव में एक बार फिर मतदाता मुखर हुआ

SATYAM LIVE (Web Desk) by SATYAM LIVE (Web Desk)
June 15, 2018
in उत्तराखंड, विज्ञापन
5.5k 55
A A
0
Share on Whatsaap
Share on Facebook
Share on Twitter
Share on LinkedIn
Share on Telegram

यें भीपढ़ें :-

छठ रस एवं सप्‍त धातुओं की निर्माता रसोई

जंकफूड से बीमार हो रहा है समाज

एनएमडीसी में निकली भर्तियां

नई दिल्ली: भारत के लोकतन्त्र की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि चुनाव के समय मतदाता ही बादशाह होता है। इस समय राजनेताओं के भाग्य का फैसला करने का अधिकार उसी को होता है। हमने यह बात सत्तर वर्षीय लोकतंत्र के जीवन में एक बार नहीं, बल्कि अनेक बार देखी है। जब-जब इन मतदाताओं को नजरअंदाज किया गया, राजनैतिक दलों को मुंह की खानी पड़ी है। हाल में सम्पन्न हुए कई राज्यों के विधानसभा व लोकसभा उपचुनावों के नतीजों से जो सन्देश निकला है वह यही है कि भारत के लोकतन्त्र को जीवन्त और ऊर्जावान बनाये रखने में मतदाताओं ने एक बार फिर अपने अधिकार का बहुत सूझबूझ एवं विवेक से उपयोग किया हैं। उसने जो निर्णय दिया है उससे कुछ राजनैतिक नेतृत्व जीत की खुशफहमी और हारने के खतरे की फोबिया से ग्रस्त दिखाई दे रहे हैं। इन उपचुनाव, खासकर उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा एवं नूरपुर विधानसभा के नतीजों को देखकर सभी चैंकन्ने हैं कि ये भाजपा के लिये नाक का सवाल थी, जिनकी हार नए अर्थ दे रही है। इन चुनाव परिणामों ने 2019 के इंतजार को न केवल रोचक बनाया बल्कि एक बार फिर इन परिणामों से लोकतंत्र मजबूत होता हुआ प्रतीत हुआ है। सक्षम एवं सफल लोकतंत्र के लिये सशक्त विपक्ष प्रथम प्राथमिकता है, जिसके लगातार कमजोर एवं बेबस होने से लोकतंत्र के मायने ही सिमटते जा रहे थे। ऐसे हालात में ताजा नतीजे बता रहे हैं कि सोता हुआ विपक्ष भी सक्रिय हुआ है और नई करवट ले रहा है। लेकिन इन उपचुनाव परिणामों का एक सन्देश और है कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जितने भी उपचुनाव हुए हैं, उनमें उसे हार का मुंह ही देखना पड़ा, लेकिन इसके बाद हुए सभी आम चुनावों में उसने शानदार जीत हासिल की है। कहीं ये चुनाव परिणाम एक बार फिर 2019 के भाजपा के एक तरफा जीत को तो सुनिश्चित नहीं कर रहे हैं?
इन उप-चुनावों के नतीजे उम्मीदवारों या पार्टियों की ताकत के बारे में कम और माहौल के बारे में ज्यादा बताते हैं। इनसे किसी राजनीतिक दल के भविष्य को सुनिश्चित नहीं किया जा सकता, इनसे केन्द्रीय राजनीति की दिशा की थाह भी नहीं नापी जा सकती। क्योंकि इनमें किसी राजनीतिक दल की लहर नहीं, स्थानीय समीकरण ज्यादा बड़ी भूमिका निभाते हुए दिखाई दिये हैं। इन उप-चुनाव के परिणामों से हम आम-चुनाव की दशा और दिशा का स्पंदन भी महसूस नहीं कर सकते। दस विधानसभा और चार लोकसभा सीटों के ताजा नतीजों को आम चुनाव की तस्वीर से जोड़ कर देखना हमारी भूल होगी। जिन चार लोकसभा सीटों पर ये उप-चुनाव हुए, वे देश के चार कोनों पर हैं। चारों का राजनीतिक यथार्थ एक-दूसरे से एकदम जुदा है। यही हाल अलग-अलग राज्यों की विधानसभा सीटों का भी है। हर सीट एक अलग ही कहानी कहती है।
इन उपचुनावों में टक्कर सरकार और विपक्ष के बीच रही। पर हमें यह देखना है कि असली टक्कर वोट हासिल करने के लिए है या मूल्यों के लिए? राजनेताओं को मजबूत करने के लिये है या राष्ट्र को? लोकतंत्र का यह पहला सशक्त स्तम्भ भी मूल्यों की जगह वोट की लड़ाई लड़ रहा है, तब मूल्यों का संरक्षण कौन करेगा? एक खामोश किस्म का ”वोट युद्ध“ देश में जारी है। एक विशेष किस्म का मोड़ जो हमें गलत दिशा की ओर ले जा रहा है, यह मूल्यहीनता और वोट हासिल करने की मनोवृत्ति अपराध प्रवृत्ति को भी जन्म दे रही है। हमने सभी विधाओं को येन-केन-प्रकारेण सत्ता हासिल करने का हथियार समझ लिया है। जहां सत्ता कद्दावर होती जा रही है और मूल्य बौना। क्या हो रहा है हमारे देश में? सिर्फ सत्ता ही जब राजनीति का एकमात्र उद्देश्य बन जाता है तब वह सत्ता दूसरे कोनों से नैतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्तरों पर बिखरने लगती है। सत्ता बहुत कुछ है, पर सब कुछ नहीं। सब कुछ मान लेने का ही परिणाम है कि राष्ट्र कमजोर हो रहा है और राजनेता मजबूत। लेकिन मतदाता जागरूक है और अपने अधिकार का सम्यक् उपयोग करके उसने मूल्यों को बिखरने नहीं दिया।
मतदाता के लोकतान्त्रिक अधिकार पर सिर्फ उनका ही अधिकार है। इसके प्रयोग करने की उनकी सामथ्र्य को कोई भी चुनौती नहीं दे सकता। उपचुनाव का जो परिणाम निकल कर आया है उससे आश्चर्य में पड़ने की जरा भी जरूरत नहीं है क्योंकि अभी तक कोई भी ऐसा सूरमा पैदा नहीं हुआ है जो लोगों के दिमाग में उठने वाले सवालों को खत्म कर सके। कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव को कोरा राजनीति हार-जीत का मैदान बनाने वालों ने बहुत बड़ी चुक कर दी थी, क्योंकि यह चैधरी चरण सिंह की विरासत है
जहां ग्रामीण विकास की अमर गाथाएं लिखी है, यह वही जमीन है जिसमें अब्दुल करीम खान साहब के स्वरों की मीठी गूंज भी शामिल है। यहां के मतदाताओं ने अपना फैसला दिया है उससे साबित हो रहा है कि हिन्दुस्तान का गन्ना उगाने वाला किसान जब अपने खेतों में काम करता है तो वह न हिन्दू होता है न मुसलमान बल्कि वह कोरा किसान होता है और उसकी समस्याओं को राजनीतिक नेतृत्व को इसी नजर से देखना होगा। यहां के लोगों ने मिलकर एक बार फिर अनूठी इबादत लिखी है और राजनीति को परे फेंक कर अपने मन की करने की हिम्मत दिखाई है। यह हार-जीत किसी पार्टी की नहीं बल्कि कैराना की महान विरासत की है। यह भविष्य की राजनीति का वह झरोखा है जिसे स्वयं मतदाताओं ने खोला है। जहां तक अन्य उपचुनावों के परिणामों का सवाल है तो स्पष्ट है कि प. बंगाल में ममता के नेतृत्व में लोगों का विश्वास कायम है। बिहार के जोकीहाट उपचुनाव से जो हवाएं उठी हैं वे जमीन से जेल तक लालू जी स्वीकृति को बयां कर रही हैं।
उप-चुनावों के नतीजे हमें भले ही अगले साल के आम चुनाव का कोई स्पष्ट संकेत न देते हों, लेकिन एक बात तो बता ही रहे हैं कि अगला चुनावी संग्राम ज्यादा दिलचस्प होने वाला है। हालांकि इस बीच मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे कई महत्वपूर्ण राज्यों के विधानसभा चुनाव भी होने हैं, जो शायद अगले आम चुनाव की तस्वीर को समझने में हमारी ज्यादा मदद करें। विपक्ष की यह जीत अगले लोकसभा चुनावों के लिहाज से उसकी एकजुटता की संभावना को तो मजबूती देगी ही, लेकिन बीजेपी के सामने असल खतरा अपने दिग्विजयी प्रचार के जाल में खुद ही फंस जाने का है।
जब बदलाव शुरू होता है तब समय अच्छा या बुरा नहीं होता। अच्छा या बुरा होता है उस समय में जीया गया हमारा कर्म जो चरित्र की व्याख्या करता है। आज जरूरत है बदलते हुए पर्यायों को समझने की, क्योंकि जो युग के साथ चल न सके, उसकी भाषा में बोल न सके, उस शैली में जी न सके वह फिर जनप्रतिनिधि कैसा? और जो पुरातन संस्कृति, परम्परा, आदर्श, चिंतन के तजुर्बे का आदर न कर सके, वह फिर नेतृत्व कैसा? सत्ता और स्वार्थ ने अपनी आकांक्षी योजनाओं को पूर्णता देने में नैतिक कायरता दिखाई है। इसकी वजह से लोगों में विश्वास इस कदर उठ गया कि चैराहे पर खड़े आदमी को सही रास्ता दिखाने वाला भी झूठा-सा लगता है। आंखें उस चेहरे पर सचाई की साक्षी ढूंढती हैं।
वर्ष 2019 के आम-चुनाव की ओर अग्रसर होते हुए हमें इस सचाई को समझना चाहिए कि हमने इस बार जीने का सही अर्थ ही खो दिया है। यद्यपि बहुत कुछ उपलब्ध हुआ है। कितने ही नए रास्ते बने हैं। फिर भी किन्हीं दृष्टियों से हम भटक रहे हैं। गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने के लक्ष्य में हम लगे हैं फिर भी ना जाने कितने अंधेरों में स्वयं डूबे हैं। भौतिक समृद्धि बटोरकर भी न जाने कितनी रिक्ताओं को सहा है। गरीब अभाव से तड़पा है, अमीर अतृप्ति से। कहीं अतिभाव, कहीं अभाव। जीवन-वैषम्य कहां बांट पाया अपनों के बीच अपनापन। बस्तियां बस रही हैं मगर आदमी उजड़ता जा रहा है। ऐसी स्थितियों में भविष्य की सत्ता का चेहरा बनाने में मतदाता को मुखर होना ही होगा। वर्तमान राजनीतिक नेतृत्व को भी दोहरा दायित्व निभाना है। अतीत की भूलों को सुधारना और भविष्य के निर्माण में सावधानी से आगे कदमों को बढ़ाना। वर्तमान के हाथों में जीवन की संपूर्ण जिम्मेदारियां थमी हुई हैं। हो सकता है हम परिस्थितियों को न बदल सकें पर उनके प्रति अपना रूख बदलकर नया रास्ता तो अवश्य खोज सकते हैं।
प्रेषकः
(ललित गर्ग)
60, मौसम विहार, तीसरा माला, डीएवी स्कूल के पास, दिल्ली-110051
फोनः 22727486, 9811051133
Send
Share1873
Tweet1171
Share328
Share
Advertisement Advertisement Advertisement
ADVERTISEMENT
SATYAM LIVE (Web Desk)

SATYAM LIVE (Web Desk)

सम्बंधित ख़बरें :-

विज्ञापन

प्रिंट, डिजिटल एवं न्यूज़ मीडिया क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम, ‘सत्यम् लाइव मीडिया कंसल्टेंसी’ ने शुरू की समग्र मीडिया सेवाएँ

August 2, 2026
5.9k
उत्तराखंड

नैनीताल पर ‘जल प्रलय’ का खतरा! चूहों के बाद अब मछलियां भी काट रही हैं नैनी झील की जड़ें; माल रोड धंसने की बड़ी चेतावनी

March 10, 2026
5.9k
उत्तराखंड

Nainital Crime News: नैनीताल घूमने गई दिल्ली की महिला पर्यटक के साथ कैब ड्राइवर की हैवानियत, चलती कार से कूदकर बचाई आबरू

March 8, 2026
5.9k
उत्तराखंड

धराली में क्यों आया था भयंकर जलप्रलय? ISRO की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, गई थी 68 की जान

March 7, 2026
5.9k
उत्तराखंड

उत्तराखंड ने फिर मारी बाजी! नए कानून लागू करने में देश के सभी राज्यों को पछाड़ा, बना ‘टॉप स्टेट’

March 7, 2026
5.9k
उत्तराखंड

Shahbaz Confession Wife Murder Case: ‘मैं कहकशा को पसंद नहीं करता था…’, शादी के 4 महीने बाद ही शहबाज ने पत्नी को उतारा मौत के घाट; खौफनाक कबूलनामा

March 6, 2026
5.9k
उत्तराखंड

उत्तराखंड की नई पहचान! टिहरी झील को स्पोर्ट्स और टूरिज्म केंद्र बनाने के लिए ₹1300 करोड़ की बड़ी योजना

March 6, 2026
5.9k
उत्तराखंड

Chardham Yatra 2026 Registration Opens: चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें केदारनाथ-बद्रीनाथ के कपाट खुलने की तारीख और आवेदन का तरीका

March 6, 2026
5.9k
उत्तराखंड

रुद्रपुर में तनाव! नमाजी से मारपीट के बाद अटरिया मंदिर प्रबंधक का एक और वीडियो वायरल, क्या और गहराएगी कानूनी मुश्किलें?

March 5, 2026
5.9k
उत्तराखंड

आस्था, परंपरा और प्रगति: उत्तराखंड की इस अनोखी होली ने जीता सबका दिल, पारंपरिक वेशभूषा में लोक कलाकारों ने बांधा समां

March 5, 2026
5.9k
उत्तराखंड

Haridwar News: हरिद्वार में होली पर खूनी संघर्ष, 50 लोगों ने मिलकर किया हमला, इलाके में भारी तनाव

March 5, 2026
5.9k
उत्तराखंड

Uttarakhand News: कोटद्वार के युवक से मुलाकात के बाद चर्चा में राहुल गांधी, दीपक कुमार ने जिम मेंबरशिप को लेकर किया बड़ा दावा

February 23, 2026
5.9k
  • Trending
  • Comments
  • Latest

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, साबरमती नदी पर 480 मीटर लंबा पुल तैयार

October 6, 2026

योग्य संतान की प्राप्ति के लिए गर्भाधान कब करे और कब पत्नी से दूर रहें! जानिए..

March 4, 2017

क्षिति, जल, पावक, गगन, समीरा पंचतत्व …..

July 26, 2021

UP RTE Admission 2026-27: यूपी के प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन शुरू, आज ही करें ऑनलाइन आवेदन; जानें पूरी प्रक्रिया

February 3, 2026

मिशन शक्ति अभियान: वित्तीय साक्षरता और स्वास्थ्य जागरूकता से बालिका सशक्तीकरण की पहल

October 16, 2026

दिवाली तक CBD ग्राउंड में प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग, व्यापारियों ने ट्रैफिक अधिकारियों के सामने उठाया मुद्दा

October 16, 2026

MP में बिजली संकट के बीच राहत की उम्मीद, अगले सप्ताह मिल सकती है 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली

October 16, 2026

पहाड़ों पर सीजन की पहली बर्फबारी, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बढ़ी ठंड; केदारनाथ हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित

October 15, 2026
ADVERTISEMENT

Stay Connected

  • 78.7k Fans
  • 76.5k Followers
  • 76.9k Followers
  • 56.8k Subscribers
  • 678.6k Followers
  • 67.9k Subscribers
Currently Playing

सावन सोमवार: आगरा के बल्केश्वर महादेव मंदिर में भोलेनाथ के जयकारों से गूंजा शहर

सावन सोमवार: आगरा के बल्केश्वर महादेव मंदिर में भोलेनाथ के जयकारों से गूंजा शहर

वीडियो
ADVERTISEMENT

Popular Stories

  • योग्य संतान की प्राप्ति के लिए गर्भाधान कब करे और कब पत्नी से दूर रहें! जानिए..

    10882 shares
    Share
    4353
    Tweet 2721
  • क्षिति, जल, पावक, गगन, समीरा पंचतत्व …..

    7165 shares
    Share
    2866
    Tweet 1791
  • UP RTE Admission 2026-27: यूपी के प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन शुरू, आज ही करें ऑनलाइन आवेदन; जानें पूरी प्रक्रिया

    5699 shares
    Share
    2280
    Tweet 1425
  • Holi Special Train 2026: होली के लिए ट्रेनों में शुरू हुई एडवांस बुकिंग, प्रमुख रूटों पर सीटें फुल; जानें कैसे मिलेगा कंफर्म टिकट

    5694 shares
    Share
    2278
    Tweet 1424
  • Dr. Dharmendra Shastri Chandigarh: 32 वर्षों की सेवा में संस्कृत शिक्षा, स्कूल विकास और समाजसेवा में अद्वितीय योगदान | State Award Winner 2025

    5497 shares
    Share
    2199
    Tweet 1374
ADVERTISEMENT
Advertisement Advertisement Advertisement
ADVERTISEMENT
Satyam Live

Satyam Live is a National Hindi Newspaper | Magazine | Web Portal | Web Channel & News Media Organization to deliver credible and insightful journalism.

Follow Us

Browse by Category

  • ई-पेपर
  • ई-मैगज़ीन
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • एन.सी.आर
  • करियर
  • क्राइम
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी & AI
  • दिल्ली
  • धर्म
  • पंजाब
  • बिज़नेस
  • भारत
  • मध्य प्रदेश
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • विज्ञापन
  • विदेश
  • विशेष
  • वीडियो
  • समीक्षा
  • सम्पादकीय
  • सोशल
  • हरियाणा
  • हेल्थ

Recent News

मिशन शक्ति अभियान: वित्तीय साक्षरता और स्वास्थ्य जागरूकता से बालिका सशक्तीकरण की पहल

October 16, 2026

दिवाली तक CBD ग्राउंड में प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग, व्यापारियों ने ट्रैफिक अधिकारियों के सामने उठाया मुद्दा

October 16, 2026
  • Home
  • About
  • Team
  • Advertise
  • Contact
  • Disclaimer
  • Privacy Policy

© 2026 "SATYAM LIVE - Where Truth Meets Every Story" by SATYAM LIVE.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • होम
  • विदेश
  • भारत
  • राज्य
    • दिल्ली
    • एन.सी.आर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
  • विशेष
  • राजनीति
  • क्राइम
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • करियर
  • खेल
  • धर्म
  • सोशल
  • टेक्नोलॉजी
  • लाइफस्टाइल
  • वीडियो
  • E-Paper

© 2026 "SATYAM LIVE - Where Truth Meets Every Story" by SATYAM LIVE.

This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy.